
दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विपक्षी नेताओं को लेकर की गई ‘नाराज फूफा’ टिप्पणी अब राजनीतिक विवाद का मुद्दा बन गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी किया। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने नितिन नवीन के बयान पर पलटवार किया है।
‘PM ने मीठी दवा दी, असर एंटीबायोटिक जैसा हुआ’
नितिन नवीन ने अपने वीडियो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के ‘नाराज फूफाओं’ को होम्योपैथी की तरह मीठी और शांत दवा दी, लेकिन उसका प्रभाव एलोपैथी की तेज एंटीबायोटिक जैसा हुआ।
उन्होंने कहा कि समाज और परिवार में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हर परिस्थिति में असंतुष्ट रहते हैं और किसी सकारात्मक बदलाव को स्वीकार नहीं कर पाते। प्रधानमंत्री ने ऐसे ही लोगों के संदर्भ में ‘नाराज फूफा’ शब्द का इस्तेमाल किया है।
‘देश आगे बढ़ रहा है तो विपक्ष को परेशानी क्यों?’
बीजेपी अध्यक्ष ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश लगातार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है तो विपक्ष इससे परेशान क्यों है। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराए जाने और नक्सलवाद के खिलाफ हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया।
गरीबी कम होने का भी किया दावा
नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीबी कम होने का दावा भी किया। उन्होंने कहा कि करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने की दिशा में काम हुआ है, लेकिन विपक्ष को इस उपलब्धि से भी परेशानी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष भारत के विकास, विरासत और संस्कृति को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहता और वह निजी स्वार्थ तथा प्रतिष्ठा तक सीमित हो गया है। उनके मुताबिक, परिवार में जिस तरह कोई ‘नाराज फूफा’ हर बात पर असंतुष्ट रहता है, उसी तरह विपक्ष की स्थिति भी हो गई है।
पवन खेड़ा ने किया पलटवार
नितिन नवीन के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स के जरिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात करीब साढ़े 11 बजे सत्तारूढ़ दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस बात की चिंता नहीं थी कि मलबे के नीचे कितने बच्चे दबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष को देश में उठ रहे जायज गुस्से से परेशानी है।
सुप्रिया श्रीनेत ने भी घेरा
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी नितिन नवीन के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब देश की राजधानी दिल्ली में बच्चे मलबे के नीचे दबकर जान गंवा रहे हैं, ऐसे समय में सत्तारूढ़ दल के अध्यक्ष को इस तरह की राजनीतिक टिप्पणी करने के बजाय कम से कम संवेदना या अफसोस जताना चाहिए था।
सत्य निकेतन हादसे का भी जिक्र
गौरतलब है कि रविवार को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत ढह गई थी। हादसे में छह लोगों की मौत हुई है। देर रात मलबा हटाने के दौरान एक और शव बरामद किया गया। घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान जारी है।



