
पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव वोट चोरी के गंभीर आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली रवाना हो गए हैं। सोमवार को वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य शीर्ष नेताओं के साथ एक बड़े प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जमकर निशाना साधा और वर्तमान राजनीतिक हालात को चिंताजनक बताया।
लोकतंत्र बचाने के लिए हर कुर्बानी को तैयार
तेजस्वी यादव ने केंद्र की सत्तासीन सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए अब विपक्ष को कड़ा संघर्ष करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रजातंत्र और भारतीय संविधान की रक्षा के लिए वे किसी भी प्रकार की कुर्बानी देने को पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार चाहे ट्रेनों और बसों का परिचालन रोककर विपक्ष के इस जन-आंदोलन को प्रभावित करने की कितनी भी कोशिश कर ले, इससे जनता के इरादों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दिल्ली में संभावित हिरासत के सवाल पर उन्होंने निडरता से कहा कि उन्हें इस बात की रत्ती भर भी चिंता नहीं है कि आगे उनके साथ क्या होगा।
संघ और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
राजधानी में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कड़ी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने इसे पूरी तरह अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस गतिविधि को स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने भी गलत माना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को तैनात किया गया है और निर्दोष प्रदर्शनकारियों को उनके घरों से उठाकर अमानवीय दुर्व्यवहार किया जा रहा है। आरएसएस पर कड़ा प्रहार करते हुए तेजस्वी ने कहा, “क्या पुलिस बल कम पड़ गया था जो आरएसएस के गुंडों को छात्रों के पीछे लगा दिया गया? ये वही आरएसएस के लोग हैं जिनका पैंट अंग्रेजों के सामने गीला हो जाता था। प्रदर्शन के दौरान इन्हीं असामाजिक तत्वों ने पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों पर हिंसक हमले किए हैं।”
‘एक्स’ पर फूटा गुस्सा, संघ को बताया महिला विरोधी
मीडिया से बातचीत के अतिरिक्त तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी अपना कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “पूरा देश आरएसएस की सरेआम गुंडागर्दी देख रहा है। पुलिस के प्रत्यक्ष सहयोग से आरएसएस के गुंडे सरेआम हमारी बहन-बेटियों को पीट रहे हैं। ये संघी हमेशा से महिला विरोधी रहे हैं। इस गुंडागर्दी पर मोहन भागवत आखिर क्या कहेंगे?” उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों ने फर्जी चुनाव करवा कर भाजपा को जिताने का काम किया है, अब उनका पत्ता पूरी तरह साफ होने वाला है। तेजस्वी ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि एक बेईमान आदमी को बचाने के लिए देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “ये लोग बेईमानी भी कर रहे हैं, सीनाजोरी भी कर रहे हैं, राष्ट्रद्रोह कर रहे हैं और निडरता से लोकतंत्र को कुचल रहे हैं। मोदी जी को यह सब करने के लिए किन अदृश्य शक्तियों का समर्थन हासिल है?” अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर तंज कसते हुए कहा कि जनता सड़क पर उतर चुकी है और अब दुनिया की कोई भी ताकत इन्हें सत्ता से बेदखल होने से बचा नहीं सकती।



