
पटना। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में सियासी पारा अब चरम पर पहुंच गया है। नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने अपने-अपने समीकरणों को साधने की कवायद तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने अपने दिग्गज नेता नीरज कुमार पर लगातार चौथी बार दांव खेला है। वहीं, चुनाव को और धार देने के लिए अब पार्टी के युवा चेहरे और मंत्री निशांत कुमार मैदान में उतरने जा रहे हैं। मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह की खुली चुनौती के बीच निशांत कुमार जदयू प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने का जिम्मा संभालेंगे।पार्टी सूत्रों के अनुसार, नीरज कुमार के चुनावी अभियान को गति देने के लिए निशांत कुमार का सघन दौरा तय कर लिया गया है। रणनीति के तहत वे पटना स्नातक क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में जाकर मतदाताओं से सीधा संवाद करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, निशांत कुमार 10 अक्टूबर को नालंदा से हुंकार भरेंगे। इसके बाद 13 अक्टूबर को नवादा और 16 अक्टूबर को पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में उनका तूफानी जनसंपर्क अभियान चलेगा। इन तीन दिनों के सघन दौरे को जदयू के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। चूंकि पटना स्नातक क्षेत्र का दायरा पटना के साथ-साथ नालंदा और नवादा तक फैला है, इसलिए इन इलाकों के पढ़े-लिखे मतदाताओं और युवाओं के बीच पैठ बनाना जीत की अहम कुंजी है।
10 से संभालेंगे सियासी मोर्चा
यह चुनाव इस बार महज एक विधान परिषद सीट का मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक वर्चस्व और साख की लड़ाई बन चुका है। जदयू के नीरज कुमार के सामने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने नीरज पटेल को उतारकर मुकाबले को कड़ा कर दिया है। लेकिन, सबसे बड़ा पेंच जन सुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह ने फंसाया है। डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह के खुलकर सामने आने से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। ज्ञात हो कि नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच की राजनीतिक अदावत काफी पुरानी है।
पटना स्नातक सीट पर घमासान तेज
अनंत सिंह लगातार नीरज कुमार पर जुबानी हमले कर रहे हैं। ऐसे में जदयू नेतृत्व ने इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है और पार्टी पूरी तरह एकजुट होकर अपने प्रत्याशी के साथ खड़ी है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निशांत कुमार के चुनावी रण में उतरने से युवा और नए स्नातक मतदाताओं के बीच जदयू की स्थिति और मजबूत होगी। नालंदा, नवादा और बाढ़ के इलाकों में होने वाली उनकी बैठकें चुनाव की दिशा तय कर सकती हैं। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि अपनी जीत की हैट्रिक लगा चुके नीरज कुमार, अनंत सिंह की इस नई घेराबंदी को तोड़कर विधान परिषद में अपना ‘चौका’ लगाने में कितने सफल हो पाते हैं।



