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दिवाली-छठ पर बिहार लौटने वाले यात्रियों को बड़ी राहत, 15 प्रमुख स्टेशनों पर रेलवे की चाक-चौबंद तैयारी, 3 नवंबर से खुलेंगे वाटरप्रूफ ‘होल्डिंग एरिया’

पटना। रोशनी के त्योहार दीपावली और लोकआस्था के महापर्व छठ पर देश के विभिन्न हिस्सों से बिहार लौटने वाले प्रवासियों की भारी भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। घर वापसी के सफर को सुगम व आरामदायक बनाने के लिए रेलवे ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सूबे के 15 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के ठहरने के लिए विशाल वाटरप्रूफ अस्थायी होल्डिंग एरिया (विशाल प्रतीक्षालय) बनाए जा रहे हैं। आगामी 3 नवंबर से इन सुविधाओं को पूरी तरह से यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।रेलवे प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को स्टेशनों पर होने वाली अनावश्यक भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचाना है। इन नव-निर्मित होल्डिंग एरिया में उच्च कोटि की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सियां, पंखे, समुचित रोशनी, शुद्ध पेयजल और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान की पल-पल की सटीक जानकारी मिलती रहे, इसके लिए जगह-जगह डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और लाउडस्पीकर लगाए गए हैं, ताकि कोई भी यात्री अपनी ट्रेन से न चूके।

परदेस से घर आना हुआ आसान

यात्रियों की संभावित भीड़ का आकलन करते हुए स्टेशनों की क्षमता निर्धारित की गई है। पटना जंक्शन पर सर्वाधिक 4,000 से 6,000 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। इसी तरह दानापुर में 3,000-5,000, पाटलिपुत्र व राजेंद्र नगर टर्मिनल पर 2,000-4,000, मुजफ्फरपुर में 3,000-4,000, दरभंगा में 2,000-3,000, समस्तीपुर में 1,500-2,000 और बरौनी जंक्शन पर 2,000 से 4,000 यात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया बन रहा है। इनके अलावा गयाजी, हाजीपुर, सोनपुर, सहरसा, भागलपुर, सासाराम और किऊल स्टेशनों पर भी यात्रियों के लिए ऐसी ही पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

छठ में घर जाने की टेंशन खत्म!

टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें खत्म करने के लिए अतिरिक्त काउंटर, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) और मोबाइल UTS एप से टिकटिंग की सुविधा बढ़ाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए पाटलिपुत्र रेल परिसर में ‘सेंट्रल वॉर रूम’ बनाया गया है। यहां से सभी 15 स्टेशनों के चप्पे-चप्पे की सीसीटीवी कैमरों से लाइव निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति के लिए चौबीसों घंटे मेडिकल बूथ, अग्निशमन उपकरण के साथ आरपीएफ (RPF) व जीआरपी (GRP) के अतिरिक्त जवानों की तैनाती रहेगी। त्योहारों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त मांग को देखते हुए दिल्ली, मुंबई समेत अन्य बड़े शहरों से बिहार के लिए 23 जोड़ी (46) स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनके कुल 552 फेरे लगेंगे। कुल मिलाकर रेलवे की पूरी कोशिश है कि इस बार प्रवासियों का त्योहारी सफर बिना किसी परेशानी के पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक रहे।

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