
बिहार विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अब सफर पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक होने वाला है। जल्द ही तीन अलग-अलग रूटों पर पिंक, ग्रीन और इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इस फैसले पर शुक्रवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सहमति बनी। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और परिवहन मंत्री दामोदर रावत मौजूद रहे।
कर्मचारियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों और कर्मचारियों की यात्रा को आसान बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हर दिन बड़ी संख्या में कर्मचारी अलग-अलग इलाकों से विधानसभा पहुंचते हैं। ऐसे में अगर बस सेवा उपलब्ध हो जाए तो उन्हें काफी राहत मिलेगी। इससे समय की बचत होगी और यात्रा भी आरामदायक बनेगी।
उन्होंने परिवहन मंत्री से विशेष रूप से बस सेवा शुरू करने का आग्रह किया। इसके बाद परिवहन विभाग ने इस योजना पर सहमति दे दी। अब जल्द ही तीन रूटों पर बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
पर्यावरण को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
बैठक में वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया गया। इसी को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक और ग्रीन बसों को प्राथमिकता देने का फैसला किया गया। इलेक्ट्रिक बसें डीजल और पेट्रोल से नहीं चलतीं, इसलिए इनसे प्रदूषण कम होता है। साथ ही ईंधन की भी बचत होती है।
सरकार का मानना है कि अगर सरकारी कर्मचारी सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करेंगे तो ट्रैफिक की समस्या भी कम होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।
पहले से चल रही हैं पिंक और इलेक्ट्रिक बसें
बैठक में परिवहन सचिव राज कुमार ने जानकारी दी कि फिलहाल सचिवालय कर्मियों के लिए विभाग की ओर से कई रूटों पर छह इलेक्ट्रिक और पांच पिंक बसें पहले से चलाई जा रही हैं। इन बसों को कर्मचारियों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है।
अब इसी व्यवस्था को और मजबूत करते हुए विधानसभा कर्मियों के लिए भी नई बस सेवा शुरू की जा रही है। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
महिलाओं की सुरक्षा पर भी ध्यान:
पिंक बसों को खासतौर पर महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर शुरू किया जाता है। इन बसों में महिलाओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का माहौल मिलता है। विधानसभा में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को इससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
जल्द तय होंगे रूट और समय-
फिलहाल विभाग की ओर से तीन रूटों पर बस चलाने की योजना बनाई गई है। आने वाले दिनों में इन रूटों और बसों के समय की पूरी जानकारी जारी की जाएगी। कोशिश होगी कि कर्मचारियों को उनके घर के पास से बस सुविधा मिल सके।सरकार का यह कदम कर्मचारियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




nugvzrhyvnppulosjgqdfgiyzlthyu