
मोतिहारी। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की 47वीं वाहिनी के जवानों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो विदेशी महिला नागरिकों को हिरासत में लिया है। पकड़ी गई दोनों महिलाएं उज्बेकिस्तान की निवासी हैं और बिना किसी वैध यात्रा दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में रह रही थीं। यह कार्रवाई हरैया थाना क्षेत्र के अंतर्गत कस्टम चौक स्थित मैत्री ब्रिज के समीप उस समय हुई, जब दोनों महिलाएं भारत की सीमा लांघकर नेपाल में प्रवेश करने की फिराक में थीं। एसएसबी ने आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद दोनों को स्थानीय हरैया थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।मिली जानकारी के अनुसार, भारत-नेपाल मैत्री ब्रिज पर तैनात एसएसबी के जवान सीमा पार आने-जाने वाले असामाजिक तत्वों और संदिग्धों पर नजर रखने के लिए नियमित जांच कर रहे थे। इसी बीच कस्टम चौक की ओर से दो विदेशी महिलाएं पैदल ही नेपाल जाने के लिए पुल की तरफ बढ़ती दिखीं। उनकी संदिग्ध गतिविधियों को देखकर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। जब जवानों ने उनसे भारत में ठहरने और यात्रा से जुड़े वैध कागजात मांगे, तो वे कोई भी संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकीं। उनके पास मौजूद अभिलेखों पर गहरा संदेह होने के बाद जवानों ने दोनों को हिरासत में ले लिया।हरैया थाना पुलिस के अनुसार, पकड़ी गई विदेशी महिलाओं की पहचान स्थापित कर ली गई है।
इनमें पहली महिला 32 वर्षीय मखफूजा देखकोनोवा है, जो उज्बेकिस्तान के फरगना राज्य स्थित क्यूकोन जिले की रहने वाली है। उसके पिता का नाम मखमदजोन बताया गया है। वहीं, दूसरी महिला की पहचान 35 वर्षीय मफतुना किलिचेवा के रूप में हुई है, जो समरकंद राज्य के पयारी जिला अंतर्गत जो’जाओबोड गांव की निवासी है। उसके पिता का नाम बखोदिरोवना है। दोनों के पास से भारत का वैध वीजा या ठहरने के वैध प्रमाण पत्र नहीं मिले हैं।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ देश की खुफिया और केंद्रीय जांच एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। हरैया थानाध्यक्ष किशन पासवान ने बताया कि एसएसबी द्वारा सौंपी गई दोनों उज्बेकिस्तानी महिलाओं से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस मुख्य रूप से इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इन महिलाओं ने भारत में कब और किस रास्ते से अवैध रूप से घुसपैठ की थी, वे इतने दिनों तक देश के किन-किन हिस्सों में रुकी थीं और अचानक बिना किसी वैध दस्तावेज के नेपाल भागने का उनका असली उद्देश्य क्या था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस बात की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि कहीं इनके तार किसी अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी या जासूसी रैकेट से तो नहीं जुड़े हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



