
पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हो रहे द्विवार्षिक चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का सियासी पारा एकाएक चढ़ गया है। चुनावी बिसात पर सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाली तस्वीर गुरुवार को तब देखने को मिली, जब नवगठित जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह ने अपना नामांकन पर्चा दाखिल किया। उनके प्रस्तावक और मुख्य समर्थक के तौर पर मोकामा से सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक और प्रभावशाली नेता अनंत सिंह मजबूती से खड़े नजर आए। अनंत सिंह का यह कदम सीधे तौर पर अपनी ही पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ एक खुला राजनीतिक विद्रोह है, जिसने जदयू के भीतर की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर दिया है।जदयू नेतृत्व ने इस महत्वपूर्ण सीट से अपने कद्दावर नेता, मुख्य प्रवक्ता और मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को एक बार फिर चुनावी अखाड़े में उतारा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले नीरज कुमार विधान परिषद के सदस्य के तौर पर तीन सफल कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। लेकिन, इस बार उनके सामने बाहरी चुनौती से ज्यादा अपनों की ही घेराबंदी है। विधायक अनंत सिंह न केवल जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह के नामांकन में पूरे दलबल के साथ शामिल हुए, बल्कि उन्होंने सार्वजनिक मंच से उनके पक्ष में धुआंधार चुनाव प्रचार करने की स्पष्ट घोषणा भी कर दी है। एक ही दल के दो दिग्गजों के यूं आमने-सामने होने से यह चुनाव अब विशुद्ध रूप से प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है।
नीरज कुमार के खिलाफ उतरे अनंत सिंह
सियासी गलियारों में इस खुले टकराव की जड़ें मोकामा की क्षेत्रीय राजनीति से जुड़ी बताई जा रही हैं। दरअसल, नीरज कुमार और अनंत सिंह, दोनों ही नेताओं का गृह क्षेत्र मोकामा है। वर्ष 2005 से मोकामा विधानसभा सीट पर अनंत सिंह का निर्विवाद दबदबा रहा है। क्षेत्र में राजनीतिक वर्चस्व और दबदबे को लेकर दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से शह-मात का खेल और तीखे वैचारिक मतभेद चलते रहे हैं। अब विधान परिषद चुनाव के बहाने मोकामा की यह पुरानी राजनीतिक अदावत पटना स्नातक क्षेत्र के बड़े चुनावी मंच पर खुलकर सामने आ गई है। प्रशांत किशोर समर्थित ‘जन सुराज’ के प्रत्याशी को सत्तारूढ़ दल के विधायक का यह समर्थन राज्य की बदलती राजनीतिक हवा का भी संकेत दे रहा है।इस हाई-प्रोफाइल सीट पर अब मुख्य मुकाबला बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय हो गया है। जदयू से नीरज कुमार और जन सुराज से अनुज सिंह के अलावा, मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने दिलीप कुमार पटेल पर दांव लगाया है। ज्ञात हो कि राज्य में चार स्नातक (पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी) और चार शिक्षक (पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण) निर्वाचन क्षेत्रों सहित कुल आठ सीटों पर चुनाव हो रहे हैं।
जन सुराज के प्रस्तावक बने जदयू विधायक
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया 6 अक्टूबर तक चलेगी। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान प्रक्रिया संपन्न होगी। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना के साथ ही प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो जाएगा।पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह की इस बगावती पैंतरेबाजी ने मुकाबले को अप्रत्याशित बना दिया है। अब यह देखना अहम होगा कि जदयू का शीर्ष नेतृत्व पार्टी अनुशासन को धता बताने वाले अपने विधायक के इस बागी रुख पर क्या कदम उठाता है और इस आंतरिक भितरघात का नीरज कुमार के चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ता है।



