newspatnarajnitiबिहारराजनीति

तेजस्वी का नीतीश सरकार पर करारा प्रहार: कहा- बेरोजगारी और भ्रष्टाचार रूपी दशानन कर रहा बिहार को खोखला

पटना। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के महापर्व विजयादशमी के पावन अवसर पर बिहार की सियासत भी पूरी तरह से गरमा गई है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रदेशवासियों को दशहरा की हार्दिक शुभकामनाएं तो दीं, लेकिन साथ ही इस पुनीत अवसर का उपयोग करते हुए सत्तासीन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर तीखा राजनीतिक और सामाजिक हमला बोला। तेजस्वी ने बिहार की मौजूदा बदहाली, बढ़ती बेरोजगारी, बेलगाम अपराध, गरीबी, भारी पलायन और चरमराती कानून-व्यवस्था के ज्वलंत मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने प्रदेश की इन बुनियादी समस्याओं की तुलना सीधे तौर पर रावण के दस सिरों से कर दी और राज्य की जनता से इस ‘सिस्टम रूपी दशानन’ के दहन का दृढ़ संकल्प लेने का भी आह्वान किया।सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपने विस्तृत संदेश में नेता प्रतिपक्ष ने विजयादशमी के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह पर्व हमें हर प्रकार की बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा देता है। इसी संदर्भ को बिहार के वर्तमान परिदृश्य से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि आज हमारा प्रदेश अंदर से पूरी तरह खोखला होता जा रहा है। तेजस्वी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेरोजगारी, अशिक्षा, गरीबी, पलायन, बढ़ता अपराध, बेलगाम भ्रष्टाचार, हावी अफसरशाही, हर साल आने वाली विनाशकारी बाढ़, सुखाड़ और राज्य में फैला कुशासन—ये दस बुराइयां आज के दौर का असली दशानन (रावण) बन चुकी हैं। ये दसों सिर बिहार के समग्र विकास और यहां के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को निगल रहे हैं। उन्होंने आम जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि इस दशहरा हमें केवल लकड़ी और कागज के रावण को नहीं जलाना है, बल्कि प्रदेश को दीमक की तरह चाट रही इन वास्तविक बुराइयों के सम्पूर्ण खात्मे का संकल्प लेना होगा।

सिर्फ पुतला मत जलाइए, सिस्टम की बुराइयों का दहन कीजिए

अपने हमले को और धार देते हुए तेजस्वी यादव ने नीति आयोग और सरकारी आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार पूरे देश में सबसे निचले पायदान पर और सबसे पिछड़े राज्यों की श्रेणी में खड़ा है। आजादी के इतने दशकों बाद भी राज्य की एक बहुत बड़ी आबादी आज भी स्तरीय स्कूल, पक्की सड़क और जीवन रक्षक अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं से महरूम है। नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य और कुपोषण के गंभीर मुद्दे को उठाते हुए कहा कि हमारी माताओं और बहनों में खून की भारी कमी है, जबकि राज्य के नौनिहाल कुपोषण और बौनेपन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। रोजगार के मोर्चे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने दावा किया कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार ही राज्य के लगभग चार करोड़ बिहारी हर साल अपने घर-परिवार को छोड़कर दूसरे राज्यों में रोजी-रोटी की तलाश में पलायन करने को विवश हैं। यह पलायन व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है।हाल के दिनों में राज्य में घटित आपराधिक घटनाओं, विशेषकर महिलाओं और बेटियों के साथ हुई दरिंदगी की घटनाओं का प्रमुखता से हवाला देते हुए तेजस्वी ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान बताते हुए तेजस्वी यादव ने अंत में अपने चिर-परिचित विजन को दोहराया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब बिहार में ‘पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई और सख्त कार्रवाई’ वाली एक मजबूत, पारदर्शी और जनोन्मुखी व्यवस्था स्थापित की जाए। उनका स्पष्ट संदेश था कि प्रदेश में एक ऐसा सकारात्मक माहौल कायम होना चाहिए, जहां हर हाथ को सम्मानजनक काम मिले और हर घर में खुशहाली आए। संदेश के अंत में उन्होंने समस्त बिहारवासियों के लिए मंगलकामनाएं करते हुए विजयादशमी और दशहरा की पुनः हार्दिक बधाई दी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button