मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच बुधवार को दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक हो रही है। इससे एक दिन पहले मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी जिक्र होने की बात सामने आई है।
कांग्रेस की बैठक में नीतीश कुमार को लेकर हुई चर्चा पर अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) की ओर से प्रतिक्रिया आई है। केंद्रीय राज्य मंत्री और JDU के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अब नीतीश कुमार की चर्चा करने से कोई फायदा नहीं है।रामनाथ ठाकुर ने कहा कि जब कांग्रेस और नीतीश कुमार महागठबंधन का हिस्सा थे, तब नीतीश कुमार को गठबंधन का संयोजक बनाए जाने का प्रस्ताव सामने आया था। उनके मुताबिक, इसके बावजूद किसी कारण से नीतीश कुमार को संयोजक नहीं बनाया गया।
उन्होंने कहा कि इसके बाद नीतीश कुमार ने अपना फैसला लिया और NDA में शामिल हो गए। ऐसे में अब कांग्रेस द्वारा उनके नाम पर चर्चा किए जाने का कोई औचित्य नहीं है।JDU नेता ने कांग्रेस को अपने फैसलों पर कायम रहने और संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करने की सलाह दी। रामनाथ ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को अपने दल को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए और जिस दिशा में वह आगे बढ़ रही है, उसी पर काम करना चाहिए।
CWC में नीतीश को लेकर क्या चर्चा हुई?
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक से सामने आई जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने का मुद्दा भी चर्चा में आया।बताया जा रहा है कि बैठक में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन से अलग नहीं होने देना चाहिए था।इसके जवाब में सोनिया गांधी ने कथित तौर पर कहा कि नीतीश कुमार पहले से ही गठबंधन से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे। उनके मुताबिक, नीतीश कुमार का पहले ही अलग हो जाना बेहतर रहा, क्योंकि बाद में उनके जाने से गठबंधन को ज्यादा नुकसान हो सकता था।कांग्रेस की CWC बैठक में नीतीश कुमार को लेकर सामने आई इस चर्चा के बाद JDU ने अब अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। रामनाथ ठाकुर के बयान से बिहार की राजनीति में एक बार फिर नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने और NDA में जाने का मुद्दा चर्चा में आ गया है।अब नजर इस बात पर है कि JDU की प्रतिक्रिया के बाद कांग्रेस और महागठबंधन के अन्य दलों की ओर से इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।



