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पटना कोचिंग विवाद पर बढ़ी सियासत, खान सर पर तेज प्रताप का हमला

बिहार की राजधानी पटना में दो कोचिंग संस्थानों के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। इस मामले को लेकर लगातार बयानबाजी हो रही है। एक ओर नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

यह विवाद उस समय और चर्चा में आ गया, जब ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रौशन आनंद अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर भावुक हो गए। इस घटना के बाद कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

तेज प्रताप यादव ने रौशन आनंद के भावुक होने पर कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए अपने भाई को खोना बहुत दुखद होता है। उन्होंने कहा, “भाई की मौत होगी तो कोई भी रोएगा।” तेज प्रताप ने इस मामले में गहरी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उन्होंने सीधे तौर पर मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर फैजल खान पर निशाना साधा। तेज प्रताप ने कहा कि यदि जांच में खान सर की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कानून के अनुसार दोषी लोगों को जेल भेजा जाना चाहिए।

तेज प्रताप यादव ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि जब तक खान सर की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका घेराव किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए और कानून-व्यवस्था का पालन किया जाना चाहिए।

वहीं, इस मामले पर संजय झा ने कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी भी व्यक्ति के साथ पक्षपात नहीं होगा। उनके अनुसार, कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने भी मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।

इस बीच, यह मामला शिक्षा के क्षेत्र से निकलकर राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोग जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कई लोग निष्पक्ष जांच का इंतजार करने की बात कह रहे हैं।

फिलहाल, सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका थी और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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