
पटना। बिहार की राजनीति में शह-मात का खेल उफान पर है। विधान परिषद (एमएलसी) की आठ शिक्षक और स्नातक सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की है, जहां जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर मचे घमासान का सीधा फायदा उठाने के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बड़ा सियासी दांव चल दिया है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह और जेडीयू के कद्दावर नेता नीरज कुमार के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई के बीच, प्रशांत किशोर की नवगठित पार्टी ‘जन सुराज’ ने डॉ. अनुज सिंह को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है। यह वही डॉ. अनुज सिंह हैं, जिन्हें चुनाव जिताने और जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार को हराने की खुली घोषणा अनंत सिंह पहले ही कर चुके हैं। बिहार की सियासत में खुद को एक मजबूत और बेदाग विकल्प के तौर पर पेश कर रहे प्रशांत किशोर ने विधान परिषद चुनाव के लिए अपनी बिसात पूरी तरह से बिछा दी है। जन सुराज ने मंगलवार को अपने बाकी बचे तीन उम्मीदवारों के नामों की भी आधिकारिक घोषणा कर दी। इसी के साथ पार्टी ने सभी आठ (शिक्षक और स्नातक) सीटों पर अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार दिए हैं। जन सुराज की ओर से जारी अंतिम सूची में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज सिंह, तिरहुत स्नातक से डॉ. विमोहन कुमार और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भूषण झा को टिकट दिया गया है। इससे पहले पार्टी ने 20 सितंबर को पांच प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी थी।
जन सुराज ने खोले सभी पत्ते, 8 सीटों पर ठोकी ताल
पटना स्नातक सीट पर मुकाबला अब बेहद हाई-प्रोफाइल और त्रिकोणीय हो चुका है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेता नीरज कुमार के खिलाफ बगावती सुर अख्तियार कर लिए हैं। अनंत सिंह ने साफ शब्दों में ऐलान किया है कि वे किसी भी कीमत पर नीरज कुमार को जीतने नहीं देंगे। उन्होंने डॉ. अनुज सिंह को अपना खुला समर्थन दिया है। इस बगावत ने जेडीयू आलाकमान की नींद उड़ा दी है। पार्टी के भीतर मचे इस बवाल को शांत करने और डैमेज कंट्रोल के लिए मुंगेर के सांसद ललन सिंह ने खुद मोर्चा संभाला। हालांकि, सूत्रों की मानें तो अनंत सिंह अपने रुख पर कायम हैं और किसी भी समझौते को तैयार नहीं हैं। इसी अंतर्कलह के बीच डॉ. अनुज सिंह को जन सुराज का सिंबल मिलने से नीरज कुमार की राह और भी कंटीली हो गई है। जन सुराज ने समाज के विभिन्न वर्गों और बुद्धिजीवियों को साधने का पूरा प्रयास किया है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की बात करें तो पार्टी ने पटना से डॉ. अनुज सिंह, तिरहुत से डॉ. विमोहन कुमार, दरभंगा से रवींद्र यादव और कोसी से रजनीश रंजन को चुनावी अखाड़े में उतारा है। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी पार्टी ने मजबूत घेराबंदी की है। पटना शिक्षक सीट से डॉ. दिव्या ज्योति, दरभंगा से एसपी राय, तिरहुत से भूषण झा और सारण से अफाक अहमद को जन सुराज का झंडा बुलंद करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, विधान परिषद की इन आठ महत्वपूर्ण सीटों के लिए 29 सितंबर को विधिवत अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही नामांकन की प्रक्रिया जोर पकड़ेगी। इन सभी सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतों की गिनती की जाएगी। 27 अक्टूबर के नतीजे ही यह तय करेंगे कि बिहार में प्रशांत किशोर का यह नया सियासी प्रयोग कितना असरदार साबित हुआ है और जेडीयू की भीतरी गुटबाजी ने पार्टी को कितना नुकसान पहुंचाया है।



