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नेपाल में मूसलाधार बारिश से उफनाई गंडक, वाल्मीकिनगर बराज पर हाई अलर्ट; 1.34 लाख क्यूसेक पानी का हुआ डिस्चार्ज

नेपाल के तराई और पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने बिहार के सीमावर्ती जिलों में एक बार फिर से खतरे की घंटी बजा दी है। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा और वाल्मीकिनगर क्षेत्र से होकर गुजरने वाली गंडक नदी का जलस्तर एक बार फिर काफी तेजी से बढ़ने लगा है। नदी में आए इस अचानक उफान को देखते हुए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज प्रबंधन समेत तमाम निचले और तटीय इलाकों में जिला प्रशासन द्वारा हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। नेपाल के मौसम विभाग द्वारा अगले चार दिनों तक इन इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है, जिससे सीमावर्ती और दियारा इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का भयावह खतरा मंडराने लगा है।गंडक नदी के जलस्तर में हो रही इस अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए जल संसाधन विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाल्मीकिनगर गंडक बराज से शाम छह बजे एक लाख चौंतीस हजार क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज किया गया है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का दौर फिलहाल थम नहीं रहा है, जिसके चलते आने वाले दिनों में यह डिस्चार्ज और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना जताई जा रही है। बराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण गंडक नदी के सुरक्षा तटबंधों पर जल का दबाव काफी बढ़ गया है, जिससे तटीय गांवों में रहने वाले लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं।

अभियंताओं को सख्त हिदायत

खतरे की आशंका और हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी (डीएम) तरनजोत सिंह ने गंडक बराज के सभी नियंत्रण कक्षों को चौबीस घंटे एक्टिव मोड में रहने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही जल संसाधन विभाग के तमाम अभियंताओं को अलर्ट पर रखा गया है। डीएम ने अभियंताओं की विशेष टीम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे कटाव निरोधी कार्यों और अति संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए बालू की बोरियों एवं अन्य जरूरी संसाधनों को पूरी तरह मुस्तैद रखा जाए।फिलहाल, जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर जमीनी हालात का बहुत बारीकी से जायजा ले रहे हैं। तटबंधों की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोलिंग काफी तेज कर दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले सभी ग्रामीणों को पूरी तरह एहतियात बरतने को कहा गया है। बारिश न रुकी तो मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ सकती हैं।

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