
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर करारा प्रहार किया है। मंगलवार को दिल्ली रवानगी से पूर्व पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बेगूसराय और गया की हालिया घटनाओं का जिक्र किया और नीतीश सरकार को पूरी तरह कटघरे में खड़ा किया। तेजस्वी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में बिहार में अपराधियों का बोलबाला है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उनके अनुसार, राज्य में सुशासन का दावा पूरी तरह से खोखला साबित हो चुका है और कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है।
अत्याचारियों का राज, महिलाएं खौफ में
राजद नेता ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की। बेगूसराय के हालिया वायरल वीडियो और गया में घटी घटनाओं को बेहद शर्मनाक करार देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में अब कानून का नहीं, बल्कि अत्याचारियों का राज है। तेजस्वी ने तल्ख तेवर में कहा, “आज बिहार में दिन हो या रात, घर हो या बाहर, स्कूल, कॉलेज हो या अस्पताल—कहीं भी हमारी माताएं, बहनें और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग खुद को कानून से ऊपर मान बैठे हैं, जबकि आम जनता खौफ के साए में जीने को मजबूर है। अपराध का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है और पुलिस प्रशासन महज मूकदर्शक बना हुआ है।
चिराग पासवान की बयानबाजी पर पलटवार
इस दौरान तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान पर भी तीखा तंज कसा। चिराग के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने ‘आरक्षण पर आंच आने पर इस्तीफा देने’ की बात कही थी, तेजस्वी ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने इसे महज राजनीतिक नौटंकी और कोरी बयानबाजी करार देते हुए कहा कि चिराग पासवान खुद उसी सरकार का अहम हिस्सा हैं। राजद नेता ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे सच में जनता के प्रति संवेदनशील हैं, तो उन्हें खोखले बयान देने के बजाय तुरंत अपने पद से इस्तीफा देकर सरकार से अलग हो जाना चाहिए। सत्ता मलाई खाने और जिम्मेदारी से भागने का काम एक साथ नहीं चल सकता। सूबे के मुखिया पर सीधा निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने उन्हें ‘सिलेक्टेड मुख्यमंत्री’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गंभीर आपराधिक मुद्दों पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रहते हैं। आज हालात यह हैं कि उनसे बिहार संभल नहीं रहा है। न तो उनके नाम पर वोट मिलता है और न ही काम पर। राज्य का सरकारी खजाना पूरी तरह खाली हो चुका है, लेकिन दूसरी ओर भ्रष्ट नौकरशाही फल-फूल रही है। एक-एक प्रशासनिक अधिकारी के ठिकानों से करोड़ों रुपये की काली कमाई बरामद हो रही है, जो सरकार के सुशासन के दावों की सरेआम पोल खोलती है। अपने बयान के अंत में तेजस्वी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य में पूरी तरह से प्रशासनिक अराजकता व्याप्त है। सत्ता पक्ष के नेता और मंत्री केवल कुर्सी का सुख भोगने में मस्त हैं। यदि सरकार ने समय रहते अपराधियों पर कड़ा रुख नहीं अपनाया, तो जनता चुनाव में इसका माकूल जवाब देगी।



