
पटना। बिहार विधान परिषद (एमएलसी) की आठ सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव को लेकर राज्य का सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ गया है। चुनाव आयोग की औपचारिक घोषणा से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इस बार के चुनाव में सबसे दिलचस्प मोड़ प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ ने ला दिया है। सभी आठ सीटों पर पूरी ताकत के साथ ताल ठोकने का एलान कर चुके प्रशांत किशोर ने एक बड़ा चुनावी दांव चला है। उन्होंने घोषणा की है कि जन सुराज के उम्मीदवार जिस भी निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करेंगे, वहां 10 हजार पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार दिलाने की ठोस पहल की जाएगी।यह पहली बार है जब जन सुराज एक स्थापित राजनीतिक दल के रूप में विधान परिषद चुनाव के रण में उतरा है। बांकीपुर विधायक और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी चुनावी रणनीति बिल्कुल साफ कर दी है। उनका मुख्य फोकस राज्य के युवाओं और उनके रोजगार पर है। इस बड़े वादे ने न केवल युवाओं का ध्यान खींचा है, बल्कि विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ता पक्ष (एनडीए) के खेमे में भी बेचैनी बढ़ा दी है।
पांच सीटों पर उतारे प्रत्याशी, तीन का जल्द होगा ऐलान
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें चार स्नातक (ग्रेजुएट) और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल आगामी नवंबर में समाप्त हो रहा है। जन सुराज ने रणनीति के तहत इनमें से पांच सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं।पार्टी द्वारा जारी सूची के अनुसार, दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एसपी राय, दरभंगा स्नातक क्षेत्र से रवींद्र यादव, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अफाक अहमद, पटना शिक्षक क्षेत्र से दिव्या ज्योति और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया गया है। जन सुराज के नेताओं का कहना है कि बाकी बची तीन सीटों पर भी मंथन अंतिम चरण में है और बहुत जल्द प्रत्याशियों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
पटना स्नातक सीट पर कड़ा मुकाबला, महागठबंधन में रार
एमएलसी चुनाव को लेकर अन्य खेमों में भी जबरदस्त राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की हाई-प्रोफाइल सीट पर मुकाबला बेहद रोचक होने के आसार हैं। इस सीट से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार लगातार तीन बार से निर्वाचित होते आ रहे हैं। मगर इस बार मोकामा विधायक अनंत सिंह द्वारा अनुज सिंह को समर्थन देने की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे इस सीट का समीकरण उलझता नजर आ रहा है।वहीं, दूसरी ओर विपक्षी खेमे यानी महागठबंधन में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सीटों और उम्मीदवारों के चयन को लेकर घटक दलों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। हालिया जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने दरभंगा सीट को लेकर अपनी कड़ी असहमति जताई है। इतना ही नहीं, गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने भी कुछ सीटों पर अपने-अपने अलग उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। घटक दलों की यह खींचतान एमएलसी चुनाव में महागठबंधन के लिए भारी पड़ सकती है। कुल मिलाकर, बिहार विधान परिषद का यह चुनाव राज्य की भावी राजनीति की एक नई दिशा तय करने जा रहा है।



