
पटना। सीवान जिले में एक निर्माणाधीन सरकारी भवन को लेकर भारी विवाद उत्पन्न हो गया है। एक तरफ जहां ठेकेदार ने स्थानीय लोगों पर निर्माण कार्य जबरन रोकने, जान से मारने की धमकी देने और 50 लाख रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगने का संगीन आरोप लगाया है। वहीं, दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के दरौली विधायक विष्णुदेव पासवान पर भी निर्माण कार्य में 3 प्रतिशत कमीशन मांगने का सनसनीखेज दावा किया गया है। हालांकि, विधायक ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। बेलोंड निवासी ठेकेदार (संवेदक) विवेक कुमार सिंह ने स्थानीय पुलिस थाने में एक लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस को दिए गए आवेदन में ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि बीते पांच अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे वह निर्माणाधीन सरकारी भवन (मॉडल ब्लॉक भवन) के कार्यस्थल पर मौजूद थे। निर्माण कार्य अपनी सामान्य गति से चल रहा था। इसी दौरान अमित कुमार पासवान, साहेब हुसैन सहित कई अन्य लोग वहां आ धमके। आरोप है कि इन लोगों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और डरा-धमका कर काम बंद करा दिया। असामाजिक तत्वों ने उनसे 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग की। जब ठेकेदार ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट का प्रयास किया गया। आरोपियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि रंगदारी की रकम नहीं दी गई, तो न केवल काम हमेशा के लिए बंद करा दिया जाएगा, बल्कि उन्हें जान से भी मार दिया जाएगा।
कार्यस्थल पर गाली-गलौज और मारपीट का प्रयास
स्थिति बिगड़ती देख ठेकेदार ने तत्काल डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद विवाद शांत हुआ। ठेकेदार ने अपने आवेदन में इस बात का भी उल्लेख किया है कि उन्हें पूर्व में भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं, जिसके संदर्भ में उन्होंने पहले से दर्ज दो कांड संख्याओं का जिक्र किया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपनी जान-माल की पुख्ता सुरक्षा और निर्माण कार्य को निर्बाध रूप से पूरा कराने के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इसी शिकायत में दरौली विधायक पर 3 फीसदी कमीशन का दबाव बनाने की बात भी लिखी गई है।
विधायक ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत और झूठा
इस पूरे प्रकरण पर दरौली से विधायक विष्णुदेव पासवान ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने ठेकेदार द्वारा लगाए गए कमीशन मांगने के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। विधायक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रखंड में बन रहे इस मॉडल ब्लॉक भवन के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और धांधली बरती जा रही थी। एक जन प्रतिनिधि होने के नाते, उन्होंने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई और भवन निर्माण विभाग, बिहार सरकार को एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। विधायक के अनुसार, इस शिकायत के बाद संवेदक ने कई बार उनसे संपर्क साधने का प्रयास किया ताकि मामले को ‘मैनेज’ या सेटिंग से रफा-दफा किया जा सके। जब विधायक ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया, तो ठेकेदार ने बौखलाहट में आकर यह झूठा मुकदमा दर्ज कराने का षड्यंत्र रचा।फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन कर रही है। प्रशासन का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है और दोनों पक्षों के दावों की सत्यता जांची जा रही है। निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



