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दीपावली व छठ से पूर्व राज्य सरकार का बड़ा फैसला, बिचौलियों की भूमिका हुई समाप्तवित्तरहित शिक्षकों को मिली सौगात, सीधे खाते में पहुँच रही अनुदान राशि

पटना। दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ से ठीक पहले बिहार सरकार ने राज्य के वित्तरहित (गैर-अनुदानित) माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। लंबे समय से अपने बकाये और अनुदान की बाट जोह रहे इन हजारों कर्मियों के बैंक खातों में सीधे अनुदान की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार के सख्त निर्देश के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने बिचौलियों की प्रथा को पूरी तरह से समाप्त करते हुए आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से डिजिटल भुगतान का यह ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस जनहितैषी निर्णय से वित्तरहित शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हजारों परिवारों में हर्ष का माहौल है। बिना नियमित वेतन के वर्षों से शिक्षा की अलख जगा रहे इन शिक्षकों के लिए यह राशि किसी संजीवनी से कम नहीं है, ताकि वे उल्लास से त्योहार मना सकें।

अगले दो दिनों के भीतर पूरी होगी हस्तांतरण प्रक्रिया

इस महत्वपूर्ण विषय पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों के बैंक खातों में अनुदान की राशि आरटीजीएस के जरिए सीधे स्थानांतरित करने की विधिवत शुरुआत आज से कर दी गई है। योजना के सफल क्रियान्वयन के पहले ही दिन बड़ी संख्या में योग्य शिक्षक और कर्मियों के खातों में अनुदान की निर्धारित राशि सफलतापूर्वक भेज दी गई है। बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि विभाग द्वारा तेजी से काम चल रहा है और अगले दो दिनों के भीतर इस संपूर्ण प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। विदित हो कि पूर्व में अनुदान राशि के वितरण में कई तरह की विसंगतियों और भारी विलंब की शिकायतें मिलती रही हैं। इसे हमेशा के लिए दूर करने के उद्देश्य से समिति ने इस बार वितरण को पूरी तरह से प्रामाणिक एवं पारदर्शी डेटा के आधार पर सुनिश्चित किया है। इसके लिए संबंधित वित्तरहित विद्यालयों की प्रबंध समिति द्वारा विधिवत रूप से भेजी गई स्वीकृत सूची को आधार बनाया गया है। साथ ही, इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि सूची संबंधित जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) द्वारा अनिवार्य रूप से प्रतिहस्ताक्षरित हो, ताकि सरकारी राशि केवल सही लाभार्थियों तक ही पहुंचे। राज्य में अब भी कई ऐसे संस्थान हैं, जिनके द्वारा प्रबंध समिति से अनुमोदित सूची एवं डीईओ से प्रतिहस्ताक्षरित प्रपत्र अब तक समिति को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उनके लिए भी विभागीय प्रक्रिया तेजी से जारी है। समिति द्वारा ऐसे लापरवाही बरतने वाले सभी संस्थानों से अविलंब सूची तलब की जा रही है। सख्त निर्देश दिया गया है कि सूची प्राप्त होते ही आगामी दो दिनों के भीतर उन सभी शेष बचे योग्य कर्मियों के खातों में भी अनुदान की बकाया राशि भेजने की प्रक्रिया पूरी तरह संपन्न कर दी जाएगी।

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