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सरकार की योजनाओं और अभियानों से बिहार बोर्ड बन रहा छात्रों की पहली पसंद

बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार हो रहे बदलावों का असर अब छात्रों के रुझान में भी दिखाई देने लगा है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति यानी बीएसईबी से दूसरे शिक्षा बोर्ड के छात्रों का जुड़ना इसका एक उदाहरण है। सीबीएसई और आईसीएसई जैसे बोर्ड से 10वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी अब बिहार बोर्ड की 11वीं कक्षा में नामांकन ले रहे हैं।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सत्र 2026-28 में दूसरे बोर्ड से कुल 1 लाख 29 हजार 745 विद्यार्थियों ने 11वीं कक्षा में नामांकन लिया है। पिछले वर्ष करीब 1 लाख 23 हजार विद्यार्थियों ने बिहार बोर्ड में नामांकन कराया था। इस तरह इस बार दूसरे बोर्ड से बिहार बोर्ड में आने वाले विद्यार्थियों की संख्या में 6 हजार 745 की बढ़ोतरी हुई है।

इनमें सबसे अधिक संख्या सीबीएसई के विद्यार्थियों की है। अकेले सीबीएसई से 1 लाख 7 हजार 785 छात्र-छात्राओं ने बिहार बोर्ड की 11वीं कक्षा में नामांकन कराया है। वहीं, आईसीएसई से 1 हजार 731 और अन्य बोर्ड से 20 हजार 229 विद्यार्थी बिहार बोर्ड से जुड़े हैं।

बिहार बोर्ड की ओर छात्रों के बढ़ते रुझान के पीछे परीक्षा व्यवस्था, परिणाम और नामांकन की सुविधाओं के साथ-साथ छात्रों के लिए शुरू की गई कई योजनाएं भी अहम मानी जा रही हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार बोर्ड की आधिकारिक बुकलेट जारी की है, जिसमें बोर्ड की परीक्षा व्यवस्था, परिणाम और नामांकन से जुड़े आंकड़े शामिल हैं।

इसके अलावा, नीट और जेईई की निःशुल्क कोचिंग योजनाओं और आकर्षक छात्रवृत्तियों के कारण भी छात्रों का रुझान बिहार बोर्ड की ओर बढ़ रहा है। बिहार बोर्ड के मॉडल स्कूलों में निशुल्क JEE और NEET कोचिंग का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप, Bihar School Live Classes और मुफ्त ऑनलाइन JEE-NEET कोचिंग जैसी पहल भी छात्रों को पढ़ाई में डिजिटल मदद उपलब्ध करा रही हैं।

अप्रैल 2026 में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में कई नई पहल की गई है। छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर देने के साथ-साथ मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। बिहार बोर्ड के टॉपर्स को नकद पुरस्कार, लैपटॉप के लिए राशि, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है।

इन पहलों के बीच बिहार बोर्ड ने सत्र 2026-28 के लिए इंटर में दाखिले का अंतिम मौका भी दिया है। सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से 10वीं पास ऐसे विद्यार्थी, जो अब तक दाखिला नहीं ले सके हैं, वे खाली सीटों पर 15 से 18 सितंबर के बीच स्पॉट नामांकन करा सकते हैं। वहीं, स्कूलों को स्पॉट नामांकन के तहत दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का ऑनलाइन अपडेट 19 सितंबर तक पूरा करना होगा।

स्पॉट नामांकन के लिए शिक्षण संस्थानों में संकायवार उपलब्ध खाली सीटों की संख्या ओएफएसएस पोर्टल पर देखी जा सकती है। विद्यार्थियों को जिस संकाय और विषय में सीट खाली है, वहां नामांकन के लिए संबंधित स्कूल या कॉलेज के प्राचार्य से संपर्क करना होगा।

दूसरे बोर्ड के विद्यार्थियों का बिहार बोर्ड की ओर बढ़ता रुझान यह बताता है कि राज्य में बोर्ड की पढ़ाई, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है। सरकार और शिक्षा विभाग की नई पहलों के साथ बिहार बोर्ड अब छात्रों के लिए एक मजबूत शैक्षणिक विकल्प के रूप में सामने आ रहा है।

सुनिए छात्रों की जुबानी

“शिक्षा विभाग की ओर से कई ऐसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका मध्य और निम्न वर्ग के बच्चों को काफी लाभ मिल रहा है। खासकर ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था गांव के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ रही है। यही वजह है कि बिहार बोर्ड के प्रति लोगों की नजदीकियां बढ़ती जा रही हैं।”
प्रियांशु कुमार, छात्र

“मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इसे एक अलग स्तर पर ले जा रहे हैं। मॉडल स्कूल की व्यवस्था हो या मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए लैपटॉप देने की योजना, ये सभी बेहतर शिक्षा मॉडल की दिशा में किए जा रहे सराहनीय प्रयास है।”
मोहित कुमार, छात्र

“बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में एक नजीर पेश कर रही है। जिन योजनाओं के बारे में हम दूसरे राज्यों में सुनते थे, उन्हें अब बिहार में भी लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का यह प्रयास वाकई सराहनीय है।”
सोनू कुमार, छात्र

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