
बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार को सुपौल जिले स्थित वीरपुर हवाई अड्डे का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट निर्माण का टेंडर पूरा हो चुका है और अगले दो वर्षों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उपमुख्यमंत्री ने हवाई अड्डे के पूरे परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से परियोजना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद कोसी क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
परियोजना के पहले चरण के लिए राज्य सरकार ने 42 करोड़ 37 लाख 79 हजार रुपये की मंजूरी दी है। इस राशि का उपयोग 88.83 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद एयरपोर्ट के मौजूदा 1200 मीटर लंबे रनवे का विस्तार कर उसे 3 किलोमीटर तक विकसित किया जाएगा, ताकि यहां से व्यावसायिक विमानों का संचालन संभव हो सके।
परियोजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट विकसित किया जाएगा। इसमें रनवे, टैक्सीवे, एप्रन, पेरिमीटर रोड, ग्राउंड सर्विस एरिया समेत अन्य आवश्यक आधारभूत ढांचे तैयार किए जाएंगे। साथ ही प्री-फैब्रिकेटेड टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर और फायर स्टेशन का भी निर्माण किया जाएगा।
करीब 64 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह हवाई अड्डा कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप तैयार किया जाएगा। भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह परियोजना केवल परिवहन के लिहाज से ही नहीं, बल्कि सामरिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सरकार का मानना है कि वीरपुर एयरपोर्ट के चालू होने से कोसी क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।



