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STET परीक्षा पर शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान: 17 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन, अक्टूबर में आएगा रिजल्ट

पटना। बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज के अपने एकदिवसीय दौरे के दौरान एसटीईटी (STET) परीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि एसटीईटी परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया आगामी 17 अगस्त से शुरू कर दी जाएगी, जबकि इसका परिणाम अक्टूबर महीने तक जारी करने की पूरी तैयारी है। सरकार के इस त्वरित फैसले से उन अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है जो आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) में शामिल होने की बाट जोह रहे थे।शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले कुछ समय से छात्र और शिक्षक अभ्यर्थी लगातार उनसे मुलाकात कर रहे थे। उनकी प्रमुख चिंता यह थी कि यदि एसटीईटी परीक्षा और उसके परिणाम में विलंब हुआ, तो वे आगामी ‘टीआरई-4’ (TRE-4) परीक्षा में बैठने से वंचित रह जाएंगे। युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। छात्रों की इसी मांग को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रक्रिया को जल्द और तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्णय लिया गया है।मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, “हमारा प्रयास है कि अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार न करना पड़े। 17 अगस्त से आवेदन की विंडो खोल दी जाएगी। इसके बाद परीक्षा की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर अक्टूबर माह में रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।” इस घोषणा के बाद यह तय हो गया है कि एसटीईटी में सफलता प्राप्त करने वाले योग्य अभ्यर्थियों को टीआरई-4 में अपनी दावेदारी पेश करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।शिक्षा मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पूरी तरह सजग है। सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि पूरी चयन प्रक्रिया न केवल समयबद्ध तरीके से पूरी हो, बल्कि उसमें पूरी पारदर्शिता भी बरती जाए, ताकि किसी भी होनहार अभ्यर्थी को अनावश्यक मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े।शिक्षा मंत्री के इस स्पष्ट और सकारात्मक ऐलान के बाद प्रदेशभर के एसटीईटी अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली है। अब जबकि आवेदन की तिथि और संभावित परिणाम का महीना सामने आ चुका है, अभ्यर्थियों के पास आगामी टीआरई-4 परीक्षा के लिए अपनी रणनीति बनाने और तैयारी तेज करने का पर्याप्त समय होगा। शिक्षा विभाग का यह कदम राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की समय पर बहाली की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

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