
शिवहर। जिले के महादलित परिवारों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें एक सुरक्षित तथा सुविधाजनक आशियाना उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कवायद तेज कर दी है। दशकों से टूटी झोपड़ियों और कच्चे मकानों में गुजर-बसर कर रहे इन गरीब परिवारों के लिए पक्की छत का सपना अब जल्द ही हकीकत में बदलने वाला है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के तहत भूमिहीन और गरीब परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने की यह सार्थक पहल अब शिवहर जिले में धरातल पर आकार लेती हुई साफ दिखाई दे रही है।इसी कड़ी में शिवहर की जिलाधिकारी (डीएम) प्रतिभा रानी ने पिपराही प्रखंड के अंतर्गत आने वाली परसौनी बैज पंचायत के वार्ड संख्या-04 स्थित महादलित टोले का औचक दौरा किया। उन्होंने वहां चल रहे आवास निर्माण कार्यों का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व संवेदकों को गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ निर्माण की गति तेज करने के कड़े निर्देश दिए।
13.50 लाख की लागत से बन रहे सर्वसुविधायुक्त मकान
महादलित परिवारों के लिए बन रहे ये आवास केवल ईंट और गारे की दीवारें नहीं हैं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस एक मुकम्मल घर हैं। स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के माध्यम से इन भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक आवास के निर्माण पर लगभग 13 लाख 50 हजार रुपये की प्राक्कलित राशि खर्च की जा रही है। इन नवनिर्मित आवासों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रत्येक घर में परिवार के रहने के लिए दो हवादार कमरे, एक आधुनिक रसोईघर, एक बड़ा हॉल, शौचालय और स्नानागार (बाथरूम) की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल दर्शाती है कि सरकार इन परिवारों को केवल शरण ही नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन स्तर देना चाहती है। जिलाधिकारी ने निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि इस महादलित टोले में कुल 63 आवासों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे पूरे इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। वर्तमान स्थिति के अनुसार, इनमें से 35 आवासों की टेंडर (निविदा) प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों ने डीएम को आश्वस्त किया कि इन निर्माणाधीन मकानों में से 23 आवास आगामी छह से आठ हफ्तों के भीतर पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएंगे और लाभुकों को गृह प्रवेश के लिए सौंप दिए जाएंगे।
आवागमन को सुगम बनाने के लिए बनेगा नया संपर्क पथ
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी की नजर केवल इमारतों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने वहां की आधारभूत संरचना का भी गहराई से संज्ञान लिया। डीएम ने पाया कि महादलित टोले के इन नए आवासीय परिसरों तक पहुंचने के लिए सुगम रास्ते की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके मद्देनजर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पक्का रास्ता या संपर्क पथ बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए, ताकि बारिश या किसी भी मौसम में यहां के निवासियों को आवागमन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के उपरांत डीएम प्रतिभा रानी ने सरकार की मंशा को स्पष्ट करते हुए कहा, “सरकार की यह स्पष्ट और पारदर्शी नीति है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जिन महादलित परिवारों के पास अपनी कोई अचल संपत्ति या सिर छिपाने के लिए ढंग की पक्की छत नहीं है, उन्हें एक सुरक्षित आशियाना मुहैया कराया जाए।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन परिवारों को एक मजबूत सामाजिक और आर्थिक संबल प्रदान करना है। सुरक्षित छत के नीचे रहकर वे न केवल प्राकृतिक आपदाओं से बचेंगे, बल्कि उनके बच्चों की जिंदगी भी बेहतर, स्वस्थ और सुरक्षित बन सकेगी। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से स्थानीय महादलित बस्ती के लोगों में भारी उत्साह है और वे अपने पक्के घर में जाने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।



