
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने बिहार की जनता के नाम खुला संदेश जारी किया। अपने संदेश में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल केवल चुनाव लड़ने वाला संगठन नहीं, बल्कि समाज के गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज उठाने वाला आंदोलन है।
RJD को बताया संघर्ष और सामाजिक न्याय की पार्टी
लालू प्रसाद ने कहा कि वर्ष 1997 में पार्टी की स्थापना सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से की गई थी। उनके अनुसार, राजद हमेशा गरीबों, पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और समाज के कमजोर तबकों के हितों के लिए संघर्ष करता रहा है और आगे भी उसकी यही प्राथमिकता रहेगी।
BJP पर लगाए गंभीर आरोप
अपने संदेश में लालू यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ा है और संवैधानिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के चुनावी घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि लोकतांत्रिक मूल्यों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। ऐसे समय में विपक्षी दलों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।
समाजवादी विचारधारा पर जताई चिंता
राजद प्रमुख ने कहा कि देश के कई जनवादी, समाजवादी और प्रगतिशील राजनीतिक दल फिलहाल कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक राजनीति के लिए चिंता का विषय बताया और कहा कि सामाजिक न्याय तथा समानता के मुद्दों को लगातार उठाते रहना जरूरी है।
‘सिर्फ चुनाव लड़ने की मशीन नहीं है RJD’
लालू यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे यह समझें कि राजद का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं है। पार्टी को जनता के बीच लगातार सक्रिय रहकर उनके मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से उठाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से समर्थकों और सामाजिक संगठनों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की भी अपील की।
1997 में हुई थी RJD की स्थापना
गौरतलब है कि 5 जुलाई 1997 को लालू प्रसाद यादव ने जनता दल से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल का गठन किया था। तब से पार्टी बिहार की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभाती रही है और सामाजिक न्याय की राजनीति को अपनी मुख्य पहचान बताती है।



