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राघोपुर में 13 बच्चों के दशकर्म में खूनी संघर्ष, जेडीयू नेता का सिर फूटा; प्रशांत किशोर के सामने चले लाठी-डंडे

बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में रविवार को एक शोक कार्यक्रम अचानक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। रामपुर श्यामचंद पंचायत स्थित भगतान टोला में बीते 13 अक्टूबर को गंगा की सोती में नाव पलटने से जान गंवाने वाले 13 मासूम बच्चों के दशकर्म (श्राद्ध) कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस भीषण बवाल में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रदेश सचिव अजीत यादव गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनके सिर पर लाठी-डंडों से जानलेवा वार किया गया है। घटना के वक्त जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने वहीं मौजूद थे। बवाल बढ़ता देख पीके को महज दस मिनट के भीतर ही अपना काफिला लेकर वहां से निकलना पड़ा।विदित हो कि बीते 13 अक्टूबर को राघोपुर के इसी भगतान टोला के पास गंगा नदी की सोती में एक दर्दनाक नाव हादसा हुआ था। इस हादसे में गांव के 13 बच्चों की डूबने से मौत हो गई थी, जिसके बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। रविवार को इन्हीं मृत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए दशकर्म का कार्यक्रम रखा गया था। इस गमगीन माहौल में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पीड़ित परिजनों का ढांढस बंधाने गांव पहुंचे थे। प्रशांत किशोर शोकाकुल परिवारों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे थे।

राघोपुर में 13 बच्चों के श्राद्ध में खूनी खेल

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद गांव के एक व्यक्ति और जेडीयू के स्थानीय नेता के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते इस तू-तू मैं-मैं ने उग्र रूप ले लिया। दोनों तरफ से समर्थक आमने-सामने आ गए और विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर लाठी-डंडे निकलने लगे। शोक की घड़ी में जुटी भारी भीड़ के बीच अचानक हुई इस हिंसक मारपीट से वहां भगदड़ मच गई।इस मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने और मामला शांत कराने के लिए जेडीयू के प्रदेश सचिव अजीत यादव आगे आए। लेकिन उग्र लोगों ने उन पर ही हमला बोल दिया। लाठी-डंडों से हुए इस प्रहार में अजीत यादव के सिर में गंभीर चोट आई। वह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े। खून से लथपथ जेडीयू नेता को देखकर मौके पर अफरा-तफरी का माहौल और भी खौफनाक हो गया। आनन-फानन में अजीत यादव को उठाया गया और तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की टीम उनके उपचार में जुटी है।

13 बच्चों के दशकर्म में खूनी संघर्ष

बवाल और खूनी संघर्ष को देखते हुए स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रशांत किशोर को बमुश्किल दस मिनट के अंदर ही वहां से सुरक्षित निकालकर उनके काफिले के साथ रवाना कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही राघोपुर समेत कई थानों की पुलिस भारी दल-बल के साथ भगतान टोला पहुंच गई। एहतियात के तौर पर चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवाद के मूल कारणों की जांच की जा रही है।इस घटनाक्रम का सीधा असर सूबे की सियासत पर भी पड़ा है। प्रशांत किशोर के दौरे के करीब एक घंटे बाद बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राघोपुर के विधायक तेजस्वी यादव भी पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए भगतान टोला पहुंचने वाले थे। परंतु, गांव में हुई इस हिंसक झड़प, जेडीयू नेता पर हुए हमले और वहां फैले भारी तनाव की सूचना जैसे ही मिली, सुरक्षा कारणों और एहतियात के तौर पर उनका यह दौरा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया। पुलिस प्रशासन अब इलाके में शांति बहाली में जुटा हुआ है।

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