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भागलपुर में बारिश का कहर: गंगा में 14 नावें धारा में फंसीं, यात्रियों ने लगाई गुहार “हे गंगा मइया, बचा लो”

भागलपुर में शुक्रवार को अचानक बदले मौसम ने गंगा नदी में नाव यात्रा कर रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज बारिश और आंधी के चलते बरारी पुल घाट से महादेवपुर घाट के बीच चल रही 14 नावें बीच धारा में फंस गईं। इनमें आठ बड़ी और छह छोटी नावें शामिल थीं। नावों के बीच नदी में रुक जाने से यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

तेज हवा और लगातार हो रही बारिश के कारण नावों की रफ्तार थम गई। कई नावों में पानी भरने लगा, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई। लोग दहशत में “हे गंगा मइया रक्षा करो” कहते नजर आए।

सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को हुई। अधिकांश नावों पर बारिश से बचाव के लिए तिरपाल तक नहीं था, जिसके कारण यात्री पूरी तरह भींगते रहे। कई लोग छाता साझा कर खुद को बचाने की कोशिश करते दिखे, जबकि कुछ यात्री दूसरी नावों से तिरपाल मांगते नजर आए। महिलाएं अपने बच्चों को साड़ी और दुपट्टे से ढंककर बचाने का प्रयास करती रहीं। लगातार बारिश और ठंड के कारण छोटे बच्चे रोने लगे।

स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने तुरंत एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा। राहत और बचाव अभियान चलाकर बीच धारा में फंसी सभी नावों को सुरक्षित घाटों तक पहुंचाया गया। इंस्पेक्टर कुमार नीलू ने बताया कि कुल 14 नावों को महादेवपुर घाट, हाई लेवल घाट और बरारी पुल घाट पर सुरक्षित लगाया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

मौसम खराब होने के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए गंगा में नाव परिचालन रोक दिया। दंडाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित घाटों पर रुकने की सलाह दी गई थी और मौसम सामान्य होने के बाद ही नाव सेवा दोबारा शुरू की गई।

बारिश का असर सिर्फ नदी यातायात तक सीमित नहीं रहा। घाटों और संपर्क मार्गों पर भी जलजमाव और कीचड़ की स्थिति बन गई। फिसलन बढ़ने से कई बाइक सवार गिर पड़े और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

हालांकि मौसम में सुधार होने के बाद नाव परिचालन धीरे-धीरे बहाल कर दिया गया। प्रशासन ने कहा है कि आगे मौसम की स्थिति को देखते हुए ही नाव संचालन की अनुमति दी जाएगी, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।

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