
पटना। पूर्ण शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब का कहर सामने आया है। पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में जहरीली शराब पीने से चार लोगों की मौत के बाद सूबे की सियासत गरमा गई है। इस घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूरी घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि शराबबंदी के बावजूद राज्य में इस तरह की घटनाएं लगातार दोहराई जा रही हैं, लेकिन प्रशासन पूर्व की घटनाओं से कोई सबक नहीं ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। तेजस्वी ने कहा, “शराबबंदी कानून के नाम पर सिर्फ गरीबों को जेल भेजा जा रहा है और वही इसके शिकार होकर जान गंवा रहे हैं। बाढ़ की घटना की तह तक जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसमें स्थानीय प्रशासन की क्या लापरवाही रही।पार्टी की ओर से बुलाई गई बैठक पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि इसका मुख्य एजेंडा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना है। बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रणनीति और संगठनात्मक विस्तार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा स्कूलों में दलित व महादलित छात्रों के साथ भेदभाव और पोछा लगवाने के बयान का तेजस्वी यादव ने खुला समर्थन किया। उन्होंने कहा कि आज के सभ्य समाज में छुआछूत और भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी पर दर्ज मामलों के सवाल पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो भी नेता जनता के हक और अधिकारों की आवाज उठाता है, सत्ता पक्ष उस पर मुकदमा दर्ज करवा देता है; इससे विपक्ष डरने वाला नहीं है।



