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बिहार में पंचायत परिसीमन 2026 की तैयारी तेज, ग्रामीण क्षेत्रों के नक्शे और गणना के लिए 3 करोड़ मंजूर

बिहार में पंचायत परिसीमन-2026 को लेकर सरकारी स्तर पर प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पंचायत राज विभाग ने ग्रामीण इलाकों के CEB Layout Map 50/प्रति EB तैयार करने, ब्लॉक स्तर पर गणना और परिसीमन से जुड़े अन्य तकनीकी कार्यों के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस संबंध में पंचायत राज विभाग के विशेष सचिव नजर हुसैन की ओर से आदेश जारी किया गया है।

चार स्तरों पर होगा पंचायत क्षेत्रों का परिसीमन

विभागीय आदेश के अनुसार, बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की संबंधित धाराओं के प्रावधानों के तहत पंचायत क्षेत्रों का नए सिरे से परिसीमन किया जाना है।

इस प्रक्रिया में ग्राम पंचायत क्षेत्र, ग्राम पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र, पंचायत समिति प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र का निर्धारण किया जाएगा।

इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों के नक्शे तैयार किए जाएंगे। साथ ही संबंधित क्षेत्रों की गणना और परिसीमन से जुड़े जरूरी तकनीकी कार्य भी पूरे किए जाएंगे।

जिलाधिकारियों को मिलेगी क्षेत्र घोषित करने की जिम्मेदारी

आदेश में कहा गया है कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सामान्य या विशेष आदेश, निर्देश और अनुदेश के आधार पर जिलाधिकारी विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों का गठन और घोषणा करेंगे।

इसके तहत ग्राम पंचायत क्षेत्र से लेकर ग्राम पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र, पंचायत समिति प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र और जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र को निर्धारित किया जाएगा।

4 अगस्त को भेजा गया था राशि का प्रस्ताव

पंचायत परिसीमन की प्रक्रिया के लिए धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से किया गया था। संयुक्त निर्वाचन आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार, पटना ने 4 अगस्त 2026 को इस संबंध में पत्र भेजा था।

पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों के CEB Layout Map, 50/प्रति EB तैयार करने और ब्लॉकवाइज गणना सहित अन्य संबंधित कार्यों के लिए 3 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।

इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंचायत परिसीमन से संबंधित कार्यों को पूरा करने के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी गई।

राशि खर्च करने की जिम्मेदारी तय

सरकार की ओर से स्वीकृत धनराशि की निकासी और उसके इस्तेमाल की जिम्मेदारी राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार, पटना के उप सचिव को सौंपी गई है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत राशि की निकासी और खर्च बिहार कोषागार संहिता, 2011 में दिए गए संबंधित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।

सरकार के इस फैसले के बाद पंचायत परिसीमन-2026 से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों के नक्शे, क्षेत्रवार गणना और निर्वाचन क्षेत्रों के निर्धारण से जुड़े काम अब आगे बढ़ाए जा सकेंगे।

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