
पटना। असत्य पर सत्य, अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की शाश्वत विजय के प्रतीक महापर्व विजयादशमी (दशहरा) के पावन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं दी हैं। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्थापना दिवस का भी विशेष रूप से उल्लेख करते हुए संघ के सभी स्वयंसेवकों और देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत हमें सदैव धर्म के मार्ग पर चलने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देती है।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) के माध्यम से जारी अपने विस्तृत संदेश में राष्ट्रसेवा, कठोर अनुशासन, निस्वार्थ समर्पण और राष्ट्रभक्ति के उच्च आदर्शों को आत्मसात करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के परिदृश्य में समाज में सेवा और संस्कारों की भावना को और अधिक सशक्त बनाना राष्ट्र निर्माण की दिशा में सबसे अहम कदम है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गौरवशाली परंपरा, उसकी राष्ट्रव्यापी पहुंच और मातृभूमि के प्रति उसके अतुलनीय समर्पण का भावपूर्ण उल्लेख किया।
राष्ट्रसेवा और समर्पण का संकल्प
अपने बधाई संदेश में उन्होंने यह कामना की कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सामाजिक समरसता, व्यक्ति निर्माण और निस्वार्थ सेवा की महान परंपरा निरंतर इसी प्रकार आगे बढ़ती रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प और अधिक मजबूत होगा। उनके इस संदेश में सेवा, अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के जीवन-मूल्यों को प्रमुखता के साथ रेखांकित किया गया है, जो आज के युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत है।विदित हो कि विजयादशमी का यह पवित्र पर्व मुख्य रूप से बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की अंतिम विजय का प्रतीक माना जाता है। हमारी सनातन धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेता युग में इसी पावन दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर पृथ्वी पर पुनः धर्म, शांति और न्याय की स्थापना की थी। वहीं, दूसरी ओर शक्ति की अधिष्ठात्री मां दुर्गा ने लगातार नौ दिनों तक चले भयंकर युद्ध के पश्चात महिषासुर नामक महापराक्रमी असुर का संहार कर संपूर्ण देवी-देवताओं और चराचर जगत को उसके भीषण अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी।
CM सम्राट चौधरी ने दी विजयादशमी की बधाई
यही वह प्रमुख कारण है कि पूरे बिहार सहित देशभर में विजयादशमी का यह महान पर्व असीम श्रद्धा, भारी उल्लास और अद्वितीय उत्साह के साथ मनाया जाता है। राज्य भर में इस अवसर पर भव्य मेलों का आयोजन होता है और लोग पूरे उत्साह के साथ इसमें भाग लेते हैं।परंपरागत रूप से इस दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतलों का दहन कर बुराई के अंत का संदेश दिया जाता है। इसके साथ ही आज के दिन शमी पूजा, अपराजिता पूजा और विशेषकर शस्त्र पूजा की भी अत्यंत प्राचीन परंपरा रही है। राज्य के विभिन्न स्थानों पर लोग, विशेष रूप से सुरक्षा बलों के जवान और विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोग, अपने अस्त्र-शस्त्रों और जीवनयापन के औजारों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने घर-परिवार और राज्य के लिए सुख-समृद्धि, शांति तथा हर क्षेत्र में सर्वदा विजय की कामना करते हैं।अंत में, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस प्रेरणादायक संदेश ने दशहरा के विजय और सदाचार के गहन प्रतीकात्मक महत्व के साथ-साथ राष्ट्रसेवा, पारस्परिक प्रेम, सामाजिक सद्भाव और देश के प्रति बिना शर्त समर्पण जैसे महान मानवीय मूल्यों को भी राज्य की जनता के समक्ष अत्यंत प्रभावी ढंग से रेखांकित किया है।



