
पटना में रात के अंधेरे को दूर करने के लिए सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को योजना पर तेजी से काम करने और इसे जमीन पर उतारने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य राजधानी की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर रोशनी की व्यवस्था करना है।
सौर ऊर्जा से रोशन होंगी पटना की सड़कें
सोलर स्ट्रीट लाइट दिन में सूर्य की रोशनी से ऊर्जा संग्रहित करती हैं और रात में उसी ऊर्जा से रोशनी देती हैं। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही बिजली की बचत और सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।
अंधेरे वाले इलाकों पर रहेगा फोकस
योजना के तहत उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा सकती है, जहां रात में पर्याप्त रोशनी की सुविधा नहीं है। ऐसे इलाकों में लाइट लगने से लोगों के आवागमन में सुविधा बढ़ने के साथ रात के समय सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है।
बिजली खर्च के साथ पर्यावरण को भी फायदा
सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट से बिजली की खपत कम हो सकती है। इससे लंबे समय में सरकारी खर्च घटाने में मदद मिलने की संभावना है। वहीं, स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
अधिकारियों को तेजी से काम पूरा करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि योजना को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसकी प्रभावी निगरानी के साथ जल्द से जल्द काम आगे बढ़ाया जाए। जरूरत के हिसाब से स्थानों को चिह्नित कर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की प्रक्रिया शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है।
अगर योजना तय समय और प्रभावी तरीके से लागू होती है तो आने वाले दिनों में पटना की रातों की तस्वीर बदल सकती है। शहर में रोशनी बढ़ने के साथ सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को भी बढ़ावा मिलेगा।



