
पटना। बिहार में प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना संजोए लाखों युवाओं के लिए एक निराश करने वाली खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीसीई) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित 72वीं बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) को एक बार फिर से स्थगित कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, आयोग द्वारा बुधवार को परीक्षा टालने का यह अहम निर्णय लिया गया। हालांकि, परीक्षा की नई तारीख को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं की गई है, जिसके चलते अभ्यर्थियों के बीच ऊहापोह और इंतजार का माहौल बन गया है।
बार-बार बदल रही परीक्षा की तारीखें
72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर बीपीएससी पहले ही अपना संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी कर चुका था। इस कैलेंडर के मुताबिक प्रारंभिक परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को राज्य भर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। इससे पहले, आयोग के मूल कार्यक्रम के अनुसार यह परीक्षा 26 जुलाई 2026 को प्रस्तावित थी। लेकिन, किन्हीं कारणों का हवाला देते हुए इसे संशोधित कर 25 अक्टूबर कर दिया गया था। अब 25 अक्टूबर की निर्धारित परीक्षा भी स्थगित होने से अभ्यर्थियों की चिंताएं और मानसिक तनाव काफी बढ़ गया है। परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्रों का कहना है कि बार-बार तारीखें बदलने से उनकी तैयारी की निरंतरता टूट जाती है। बीपीएससी की 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा बिहार के सबसे प्रतिष्ठित इम्तिहानों में से एक है। इस बार आयोग के जरिए कुल 1,189 प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की जानी है। इनमें कई शीर्ष स्तर के पद शामिल हैं। बड़ी संख्या में रिक्तियां होने के कारण राज्य के साथ-साथ अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी दिन-रात एक कर इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा की तारीख जुलाई से अक्टूबर खिसकने के बाद अभ्यर्थियों ने संशोधित कार्यक्रम को ही अपना लक्ष्य मानकर अपनी तैयारी और रिवीजन तेज कर दिया था। लेकिन, अब ऐन वक्त पर परीक्षा के फिर टल जाने से उनकी रणनीति प्रभावित हुई है।
छात्रों पर आर्थिक और मानसिक दबाव
परीक्षा स्थगित होने की खबर सामने आने के बाद अब लाखों अभ्यर्थियों की नजर आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और वहां से जारी होने वाली नई परीक्षा तिथि पर टिक गई है। आयोग की ओर से विस्तृत नोटिस जारी होने के बाद ही यह पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगा कि 72वीं बीपीएससी पीटी परीक्षा का आयोजन अब किस महीने में किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस देरी का सीधा असर पूरी चयन प्रक्रिया पर पड़ेगा। प्रारंभिक परीक्षा टलने का अर्थ है कि मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तिथियां भी आगे खिसकेंगी, जिससे अंतिम परिणाम आने में भी अतिरिक्त समय लग सकता है। पटना और दिल्ली जैसे शहरों में रहकर बीपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समय का हर एक दिन कीमती होता है। परीक्षा टलने से न सिर्फ उनका मानसिक दबाव बढ़ता है, बल्कि कमरे के किराये और कोचिंग की फीस के रूप में उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है। खासकर ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्रों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाती है। फिलहाल, छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे अपना मनोबल बनाए रखें, भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और अपनी तैयारी को निरंतर जारी रखें, क्योंकि नई तारीख की आधिकारिक घोषणा कभी भी हो सकती है।



