
पटना। सीतामढ़ी जिले के साहियार थाना प्रभारी अर्चना कुमारी के खिलाफ शिकायतों का मामला अब तूल पकड़ चुका है। अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सीधे सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को फोन कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस पूरी बातचीत का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल तेज कर दी है।वायरल हो रहे इस कथित वीडियो में मंत्री लखेंद्र पासवान सीतामढ़ी एसपी को कड़े शब्दों में निर्देश देते नजर आ रहे हैं। बातचीत के दौरान मंत्री स्पष्ट तौर पर कह रहे हैं कि साहियार थानाध्यक्ष अर्चना कुमारी के खिलाफ अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वह एसपी को हिदायत देते हुए कहते हैं कि ऐसे लोगों को थाना अध्यक्ष के पद पर बिल्कुल मत रखिए, जो सरकार और स्थानीय प्रशासन की छवि को धूमिल करने का काम करें। दूसरी ओर, फोन लाइन पर मौजूद एसपी कथित तौर पर लगातार “जी सर” कहते सुने जा सकते हैं। बातचीत के दौरान मंत्री ने तल्ख लहजे में यह भी कहा कि जब थाना अध्यक्ष ही खुद मारपीट पर उतारू हो जाएं, तो फिर इलाके में कानून का राज कैसे स्थापित होगा।इस पूरे विवाद की जड़ में पंचायत की एक स्ट्रीट लाइट और दुर्व्यवहार के आरोप शामिल हैं। बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष द्वारा पंचायत की स्ट्रीट लाइट को कथित रूप से उखाड़कर थाने ले जाने और स्थानीय लोगों के साथ मारपीट करने की गंभीर शिकायतें सीधे मंत्री के पास पहुंची थीं। जनता की इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ही मंत्री ने जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी से जवाब-तलब किया।मंत्री और एसपी के बीच हुई इस बातचीत के सार्वजनिक होने के बाद मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें कही गई बातों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विवाद के तूल पकड़ने के बाद सीतामढ़ी एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं। अब पूरे इलाके की नजरें पुलिस की जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली अगली विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



