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शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदलीं, सात फेरों से ठीक पहले दूल्हे की मौत

पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के चिकनी गांव में गुरुवार की रात एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने विवाह की खुशियों को पलभर में गहरे मातम में बदल दिया। मंडप में विवाह की रस्में पूरी की जा रही थीं और सात फेरों की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक दूल्हे की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद विवाह स्थल पर चीख-पुकार मच गई और दोनों पक्षों के गांवों में सन्नाटा पसर गया।**मंडप में बैठा था दूल्हा, तभी उठा तेज दर्द**पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भरवलिया गांव निवासी स्वर्गीय शर्मा के 25 वर्षीय पुत्र शक्तिनाथ शर्मा की बारात धूमधाम से रामगढ़वा के चिकनी गांव पहुंची थी। वधु पक्ष की ओर से बारातियों के स्वागत और खान-पान का प्रबंध किया गया था। एक तरफ जहां जश्न का माहौल था, वहीं दूसरी तरफ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दूल्हा-दुल्हन को मंडप में बिठाकर शादी की रस्में निभाई जा रही थीं।

इसी बीच, अचानक दूल्हे शक्तिनाथ के पेट में असहनीय तेज दर्द उठा और वह अचेत होने लगा। बेहतर इलाज के लिए रक्सौल रेफर, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया दूल्हे की बिगड़ती स्थिति को देख परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में उसे स्थानीय रामगढ़वा बाजार स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रक्सौल स्थित एसआरपीएस (SRPS) अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर रक्सौल पहुंचे, जहां आपातकालीन वार्ड के डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही उसकी सांसें थम चुकी थीं।अभिभावकों ने बड़े अरमानों से सजाया था सेहरा इस हृदयविदारक घटना की सूचना जैसे ही वधु पक्ष के घर पहुंची, कोहराम मच गया। दुल्हन रघुनी कुमारी के हाथों में रची मेहंदी धरी की धरी रह गई। जिस घर से शुक्रवार की सुबह बेटी की विदाई की तैयारियां होनी थीं, वहां से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं।

घटना के बाद से दुल्हन और उसकी माता का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक शक्तिनाथ शर्मा तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके माता-पिता का पूर्व में ही देहांत हो चुका है। बड़े भाइयों ने ही माता-पिता का फर्ज निभाते हुए बड़े अरमानों से उसकी शादी तय की थी और सेहरा सजाया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस घटना के बाद से भरवलिया और चिकनी दोनों गांवों में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

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