मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के छौड़ादानो इलाके से इस वक्त की सबसे बड़ी और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। जिला बाल संरक्षण इकाई और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े मानव तस्करी और बाल श्रम रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस और प्रशासन को छौड़ादानो क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों को बंधक बनाकर रखने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर जिला बाल संरक्षण इकाई और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से छौड़ादानो के विभिन्न आर्केस्ट्रा सेंटरों पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान वहां जबरन बंधक बनाकर रखी गईं 23 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से तीन मुख्य आर्केस्ट्रा संचालकों को धर दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बाल श्रम निषेध अधिनियम, मानव तस्करी और किशोर न्याय की अत्यंत गंभीर व गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, मुक्त कराई गई सभी बच्चियों की काउंसिलिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही उनकी वास्तविक उम्र और गृह राज्य का सटीक पता लगाने के लिए मेडिकल जांच की प्रक्रिया भी जारी है। प्रशासन इन बच्चियों की सुरक्षा और उनके पुनर्वास को लेकर पूरी गंभीरता बरत रहा है।पुलिस अब इस पूरे मामले के अंतरराज्यीय कनेक्शन को खंगालने में जुटी हुई है। अधिकारी इस बात की सघन जांच कर रहे हैं कि इन मासूम लड़कियों को देश के किन हिस्सों से और किस रैकेट के जरिए यहां लाया गया था। पुलिस का दावा है कि इस जांच में मानव तस्करी से जुड़े कई अन्य बड़े चेहरों का भी खुलासा हो सकता है।इस बड़ी और सख्त कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य आर्केस्ट्रा संचालकों और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों के बीच पूरी तरह से हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोग भी पुलिस की इस मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना कर रहे हैं।