
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनसुराज पार्टी को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। शनिवार को पटना में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के कई प्रमुख नेताओं ने जनसुराज छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस घटनाक्रम को राज्य की राजनीति में अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
कई प्रमुख नेता भाजपा में शामिल
भाजपा में शामिल होने वालों में रूबी गुप्ता, रूबी सिंह और अभिनाश प्रताप रूडी सिंह प्रमुख हैं। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रति शेखर मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी का अंगवस्त्र और सदस्यता पत्र सौंपा।
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर भाजपा का बड़ा दावा
इस मौके पर मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि बड़ी संख्या में जनसुराज के कार्यकर्ता और नेता भाजपा से जुड़ रहे हैं, जिससे संगठन लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस राजनीतिक समर्थन का असर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भी दिखाई देगा और भाजपा मजबूत बढ़त के साथ जीत दर्ज करेगी।
प्रशांत किशोर पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा में शामिल होने के बाद अभिनाश प्रताप रूडी सिंह ने जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी से जुड़ते समय काफी उम्मीदें थीं, लेकिन संगठन के भीतर उनकी अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर के व्यवहार में अहंकार दिखाई देता है। साथ ही दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम आने के बाद जनसुराज के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और नेता पार्टी छोड़ सकते हैं।
रूबी गुप्ता ने भी उठाए सवाल
पूर्व जनसुराज नेता रूबी गुप्ता ने भी पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि संगठन में लोकतांत्रिक व्यवस्था के बजाय व्यक्तिगत निर्णयों को प्राथमिकता दी जा रही थी। उन्होंने कहा कि भाजपा से जुड़कर वे संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच काम करने का प्रयास करेंगी।
वहीं, रूबी सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी पद या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि किसानों और आम लोगों की सेवा के उद्देश्य से भाजपा का दामन थामा है। उन्होंने राज्य में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अब भाजपा के साथ मिलकर जनता के लिए काम करेंगी।
जनसुराज के कई नेताओं के भाजपा में शामिल होने से बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। खासकर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले इस घटनाक्रम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



