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बाढ़ के बीच राघोपुर पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट और केंद्रीय मंत्री शिवराज; पानी में उतरकर जाना किसानों का दर्द

पानी में उतरकर सम्राट और शिवराज ने जाना किसानों का दर्द, राघोपुर में परखी तबाही

पटना। बिहार में इन दिनों नदियां उफान पर हैं और सूबे का एक बड़ा हिस्सा भयानक बाढ़ की चपेट में है। इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक नुकसान राज्य के किसानों को उठाना पड़ रहा है, जिनकी महीनों की मेहनत खेतों में भरे पानी के नीचे डूब गई है। संकट की इस घड़ी में सरकार केवल सचिवालय की फाइलों तक सीमित न रहकर सीधे ग्राउंड जीरो पर उतर आई है। बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वैशाली जिले के बाढ़ प्रभावित राघोपुर इलाके का सघन दौरा किया। दोनों दिग्गज नेताओं ने तेरसिया दियारा पहुंचकर बाढ़ की विभीषिका और उससे हुए नुकसान का जमीनी जायजा लिया।मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का यह संयुक्त दौरा पूरी तरह से किसानों की समस्याओं और फसल क्षति के सटीक आकलन पर केंद्रित रहा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोनों नेताओं का भारी सुरक्षा बल और प्रशासनिक अमले के साथ काफिला राघोपुर के तेरसिया स्थित वार्ड संख्या 14 तक पहुंचा। यहाँ उन्होंने नाव के सहारे और जलमग्न रास्तों से गुजरते हुए बाढ़ की स्थिति को बहुत करीब से देखा। राघोपुर का दियारा इलाका इन दिनों बाढ़ के पानी से बुरी तरह प्रभावित है। तेरसिया समेत आसपास के कई गांवों में पानी घुसने से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है और खेतों में जलभराव के कारण खरीफ की फसलें पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर हैं।

एक्शन मोड में डबल इंजन

इस दौरे में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी बेहद अहम मानी जा रही है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि केंद्र सरकार बिहार के किसानों को हुए नुकसान को लेकर पूरी तरह गंभीर है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने सिर्फ अधिकारियों से ही रिपोर्ट नहीं ली, बल्कि बाढ़ प्रभावित परिवारों और किसानों से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने लोगों से उनकी वर्तमान समस्याओं, भोजन-पानी की व्यवस्था और उन्हें मिल रही सरकारी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी ली।किसानों से बातचीत के दौरान मुख्य फोकस खरीफ फसलों को हुए भारी नुकसान पर रहा। नेताओं ने आला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि क्षेत्र में चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक उचित राहत सामग्री, पर्याप्त नावें, तिरपाल, जीवनरक्षक दवाइयां और मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था युद्धस्तर पर सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की ओर से भी प्रभावित आबादी और फसल नुकसान से संबंधित शुरुआती आंकड़े मौके पर ही दोनों नेताओं के सामने रखे गए।

राहत-बचाव कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं

राघोपुर के तेरसिया दियारा में मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के एक साथ पहुंचने से स्थानीय किसानों और बाढ़ पीड़ितों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। बाढ़ से अपना घर, खेत और फसल गंवा चुके लोगों को अब नुकसान की त्वरित और उचित भरपाई की आस है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जमीनी हकीकत देखने के बाद सरकार फसल क्षतिपूर्ति की राशि प्रभावित किसानों के खातों में कितनी जल्दी पहुंचाती है। प्रशासन ने भी नुकसान के आकलन का सर्वे तेज कर दिया है ताकि जल्द से जल्द फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा सके और राहत वितरण का कार्य गति पकड़ सके।

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