
पटना। कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। 16 लाख रुपये का बकाया वापस मांगना देश की सेवा करने वाले एक सेना के जवान को इतना भारी पड़ा कि बेखौफ बदमाशों ने साजिश के तहत उन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। लखनऊ स्थित मिलिट्री अस्पताल में करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच झूलने के बाद आखिरकार बुधवार देर शाम जवान ने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के बाद कैमूर में भारी तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया है। रामगढ़ थाना क्षेत्र के सहूका गांव निवासी फौजी शत्रुघ्न यादव की मौत की मनहूस खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम के साथ-साथ भयंकर आक्रोश फैल गया। देश की सुरक्षा में तैनात रहने वाले जवान के साथ अपने ही गांव में हुई इस बर्बरता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जवान की मौत से आक्रोशित परिजनों और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने गुरुवार को रामगढ़ के दुर्गा चौक और थाना परिसर का घेराव कर उग्र धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ ने करीब चार घंटे तक पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट आरोप है कि पुलिस की शिथिलता के कारण ही बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हुए। उनकी दो टूक मांग है कि मामले में लापरवाही बरतने वाले रामगढ़ थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और वारदात में शामिल सभी फरार आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, फौजी शत्रुघ्न यादव का कुछ स्थानीय लोगों के साथ 16 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। जब जवान ने अपने खून-पसीने की कमाई वापस मांगी, तो दबंगों ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। गंभीर रूप से झुलसे फौजी को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
छावनी में तब्दील हुआ इलाका, अधिकारियों ने डाला डेरा
थाने पर हंगामे और स्थिति बिगड़ने की सूचना पर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी, प्रभारी डीएसपी के साथ नुआंव, मोहनिया सहित कई अन्य थानों की भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने बताया कि प्रशासन की टीम आक्रोशित लोगों से लगातार वार्ता कर रही है। उनकी मांगों को ध्यान से सुना जा रहा है और न्यायपूर्ण कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल, इलाके में तनाव को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और शांति बहाल करने के निरंतर प्रयास जारी हैं।



