
राजधानी पटना के न्यू करबिगहिया निवासी बंटी यादव हत्याकांड को लेकर सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सरकार तथा पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा देते हुए कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि 6 जुलाई को बंटी यादव का कथित तौर पर अपहरण हुआ था और पांच दिन बाद अथमलगोला इलाके से उनका शव बरामद किया गया।
बिहार में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी के कई होटलों में अवैध गतिविधियां, देह व्यापार और नशीले पदार्थों का कारोबार खुलेआम चल रहा है, लेकिन पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है। उनका कहना था कि आम लोगों की शिकायतों पर थाना स्तर पर गंभीरता से काम नहीं किया जाता।
पुलिस की भूमिका पर जताई नाराजगी
सांसद ने दावा किया कि बंटी यादव के परिजनों ने घटना के बाद एक संदिग्ध आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों का मनोबल बढ़ा। उन्होंने कहा कि बंटी की हत्या बेहद नृशंस तरीके से की गई और इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यशैली कई सवाल खड़े करती है।
स्पीडी ट्रायल की मांग
पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि बंटी यादव हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए ताकि जल्द से जल्द फैसला आए। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, चाहे उनका राजनीतिक प्रभाव या सामाजिक पहचान कुछ भी हो।
मामले में पुलिस कार्रवाई
गौरतलब है कि बंटी यादव का 6 जुलाई को अपहरण हुआ था और 11 जुलाई को अथमलगोला क्षेत्र से उनका शव बरामद किया गया। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे, जिसके चलते सेंट्रल एसपी ने तीन एएसआई समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। अब सांसद पप्पू यादव के इस मामले में सक्रिय होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।



