
पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। एक ओर जहां ‘जनसुराज’ के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपने पहले ही चुनाव में भाजपा के इस अभेद्य गढ़ में सेंधमारी कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की करारी हार राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। इस करारी शिकस्त के बाद राजद के भीतर घमासान मच गया है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इसे सीधे तौर पर तेजस्वी यादव के नेतृत्व की विफलता करार देते हुए उन पर तीखा हमला बोला है।”राजद की सोच अब आम आदमी वाली नहीं रही”राजद की करारी हार पर कांग्रेस नेता और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दो टूक कहा कि राजद का राजनीतिक नेतृत्व अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। पप्पू यादव ने कहा, “बिहार में भाजपा को हराने के लिए जनता के पास कोई विकल्प नहीं था।
राजद का जो वर्तमान राजनीतिक नेतृत्व है, वह राजनीतिक और सामाजिक रूप से समाप्त हो गया है।” उन्होंने आगे कहा कि पार्टी की सोच अब दूर-दूर तक आम आदमी वाली नहीं रही है। पिछड़ी और वंचित जातियों पर लाठीचार्ज का गुस्सा ही बांकीपुर और पूर्णिया में जीत-हार का बड़ा कारण बना है।बांकीपुर में राजद की भारी दुर्गतियह उपचुनाव राजद के लिए एक बड़ा और धक्का देने वाला संदेश लेकर आया है। 2020 के विधानसभा चुनाव में जिस बांकीपुर सीट पर राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता को 46,336 वोट मिले थे, वहां इस बार उनकी जमानत तक जब्त हो गई। बांकीपुर के चुनावी दंगल में भाजपा जहां दूसरे स्थान पर खिसक गई, वहीं मुख्य मुकाबले से बाहर रहकर राजद तीसरे नंबर पर सिमट गई। पार्टी के अंदरूनी कलह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने हाल ही में इस हार का ठीकरा सीधे तेजस्वी यादव के करीबियों पर फोड़ा था।रोहिणी आचार्य ने दी पीके को बधाईपार्टी की इस दुर्गति के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की प्रतिक्रिया ने भी सभी का ध्यान खींचा है। रोहिणी ने बांकीपुर फतह करने पर प्रशांत किशोर को बधाई दी। उन्होंने इस नतीजे को भाजपा के विरोध और लोकतंत्र में जनता के विश्वास की जीत बताया। रोहिणी आचार्य ने स्पष्ट कहा कि बांकीपुर उपचुनाव ने यह साबित कर दिया है कि जो लगातार लड़ता है, जीत अंततः उसी की होती है।प्रशांत किशोर बने राजनीति का नया चेहरा बांकीपुर में जीत के साथ ही प्रशांत किशोर बिहारी राजनीति के एक नए और मजबूत चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए हैं। सबसे खास बात यह रही कि प्रशांत किशोर ने अपने पूरे प्रचार अभियान के दौरान जाति या पारंपरिक समीकरणों की कोई बात नहीं की। उन्होंने जनसुराज के मंच से महिलाओं और युवाओं से जुड़े असल मुद्दों को उठाया, जिसने राजद के आधार वोट बैंक में भी बड़ी सेंध लगा दी। जिस समीकरण के भरोसे राजद की चुनावी नैया पार होती थी, उसका एक बड़ा तबका इस बार जनसुराज के पक्ष में खड़ा दिखा। अब राजद के सामने अपनी राजनीतिक जमीन को नए सिरे से तैयार करने की एक बड़ी और कठिन चुनौती है।



