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‘हर वोट की कीमत है’,नीतीश कुमार के बयान से बढ़ी चुनावी हलचल

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान से पहले एनडीए ने प्रचार का अंतिम और अहम दांव खेला है। वोटिंग से ठीक दो दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू सांसद नीतीश कुमार ने वीडियो संदेश जारी कर मतदाताओं से एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास की गति को बनाए रखने के लिए बांकीपुर का हर वोट अहम है।

अपने संदेश में नीतीश कुमार ने राज्य में पिछले दो दशकों के दौरान हुए विकास कार्यों और सुशासन का जिक्र करते हुए जनता से एक बार फिर एनडीए पर भरोसा जताने की अपील की। उनका कहना था कि विकसित बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनता का सहयोग और समर्थन जरूरी है। राजनीतिक जानकार इस संदेश को चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में मतदाताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।

नीतीश कुमार ने बांकीपुर के मतदाताओं से 30 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि युवा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को भारी मतों से विजयी बनाएं। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से ही बिहार में विकास और सुशासन की यात्रा आगे बढ़ी है और अब इसी गति को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी जनता के हाथ में है।

उधर, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नीरज कुमार सिन्हा के समर्थन में प्रचार तेज कर दिया। उन्होंने उम्मीदवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि को सामने रखते हुए कहा कि नीरज सिन्हा किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते, बल्कि उन्होंने संगठन में एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अपनी शुरुआत की थी। बूथ अध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष तक की जिम्मेदारियां निभाने के बाद आज वे एनडीए के उम्मीदवार के रूप में जनता के बीच हैं।

बीजेपी चुनाव प्रचार में नीरज सिन्हा की इसी संगठनात्मक यात्रा को प्रमुखता से पेश कर रही है। पार्टी का संदेश है कि मेहनत और समर्पण के आधार पर एक कार्यकर्ता को आगे बढ़ने का अवसर दिया गया है। नितिन नवीन ने भरोसा जताया कि एनडीए समर्थक बड़ी संख्या में मतदान करेंगे और नीरज सिन्हा रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करेंगे।

यह उपचुनाव बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सीट नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। ऐसे में पार्टी के सामने केवल सीट बचाने की चुनौती नहीं, बल्कि अपने पारंपरिक गढ़ पर पकड़ बरकरार रखने की भी परीक्षा है।

30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होनी है। विधानसभा चुनाव से पहले होने वाला यह उपचुनाव बिहार की आगामी राजनीतिक दिशा का संकेत भी माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में जहां एनडीए विकास और सुशासन के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहा है, वहीं विपक्ष स्थानीय समस्याओं और बदलाव के मुद्दे पर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहा है।

अब सबकी निगाहें बांकीपुर के मतदाताओं पर हैं। क्या नीतीश कुमार की अपील और नीरज सिन्हा की ‘साधारण कार्यकर्ता’ वाली छवि एनडीए के लिए निर्णायक साबित होगी या मतदाता कोई नया राजनीतिक संदेश देंगे, इसका फैसला 30 जुलाई की वोटिंग और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों से होगा।

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