
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समीप स्थित राजघाट छठ घाट पर दोस्त का जन्मदिन मनाने गए तीन युवकों की नदी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा महज एक सामान्य डूबने की घटना नहीं थी, बल्कि दोस्ती की एक ऐसी त्रासदी थी, जिसमें एक-दूसरे को काल के गाल से खींचने की जद्दोजहद में तीनों ने अपनी जान गंवा दी। इस अप्रत्याशित और खौफनाक घटना के बाद मृतकों के घरों में कोहराम मच गया है और पूरे बंजरिया इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर छह ग्रामीण युवक दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर अपने करीबी दोस्त शकील का जन्मदिन मनाने के लिए राजघाट छठ घाट पहुंचे थे। घाट के किनारे पहुंचकर सभी ने मिलकर पूरे हर्षोल्लास के साथ केक काटा और जन्मदिन की खुशियां मनाईं। इस दौरान हंसी-मजाक का दौर चलता रहा। केक काटने के बाद सभी दोस्तों ने नदी में स्नान करने का मन बनाया। कपड़े उतारकर वे नदी में उतरे, लेकिन उन्हें इस बात का तनिक भी अंदाजा नहीं था कि मौत गहरे पानी में उनका इंतजार कर रही है।
जन्मदिन की खुशियों में पसरा मातम
नहाने के दौरान एक युवक अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। अपने साथी को पानी में गोते खाते और मदद के लिए पुकारते देख, दूसरे दोस्त से रहा नहीं गया और वह उसे बचाने के लिए गहरे पानी में आगे बढ़ गया। लेकिन नदी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण वह भी उसमें फंस गया। अपने दो दोस्तों को मौत से जूझता देख, तीसरे साथी ने भी अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। दुर्भाग्यवश, एक-दूसरे की जान बचाने के इस भावुक और हताश प्रयास में तीनों युवक गहरे पानी में समा गए। देखते ही देखते जन्मदिन की वह सारी खुशी पल भर में चीख-पुकार और फिर भयानक सन्नाटे में बदल गई।इस खौफनाक मंजर को देखकर उनके साथ आए अन्य तीन साथी इस कदर घबरा गए कि वे मदद मांगने के बजाय डर के मारे मौके से ही फरार हो गए। हालांकि, घटना की भनक लगते ही घटनास्थल पर स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थिति की गंभीरता और लोगों की चीख-पुकार सुनकर झाकिया और अजगरी चूड़ीहरवा टोला के करीब 21 स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत मोर्चा संभाला। गोताखोरों ने चट्टी जाल की मदद से पानी में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और जद्दोजहद के बाद, आखिरकार गोताखोरों ने तीनों युवकों के शवों को पानी से बाहर निकाला। शवों के बाहर आते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
एक-दूसरे को बचाने की जद्दोजहद में गहरे पानी में समाए 3 युवक
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। अंचलाधिकारी (सीओ) कृष्ण प्रताप सिंह, प्रखंड प्रमुख अनिल कुमार उर्फ पप्पू यादव, थानाध्यक्ष निभा कुमारी, मुखिया पति दीपक सिंह, पैक्स अध्यक्ष दिलीप सिंह और सुनील चौधरी भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित और दुखी भीड़ को शांत करते हुए स्थिति को संभाला। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी औपचारिकताएं पूरी कीं और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, मोतिहारी भेज दिया।पुलिस ने घटनास्थल से मृतकों की बाइक, उनके कपड़े और चप्पलें भी बरामद कर ली हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि हादसे के बाद डरकर भागे अन्य तीन साथियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है, ताकि उनसे पूछताछ कर घटना के वास्तविक और सटीक कारणों का पूरा क्रम समझा जा सके। फिलहाल, इस हृदयविदारक घटना से मृतकों के गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मोतिहारी जिले में इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है।



