बिहार

मानसी रेलवे जंक्शन पर बड़ी कार्रवाई, तस्कर के पास से सवा करोड़ रुपये से ज्यादा का सोना बरामद:

सीमा शुल्क सूचना निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने सोने की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। खगड़िया जिले के मानसी रेलवे जंक्शन पर नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन में छापेमारी के दौरान एक तस्कर के पास से करीब 900 ग्राम सोना बरामद किया गया। जब्त किए गए सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सवा करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार, डीआरआई को पहले से सूचना मिली थी कि नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस के जरिए बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी की जा रही है। इसी सूचना के आधार पर अधिकारियों ने मानसी रेलवे जंक्शन पर ट्रेन पहुंचते ही सर्च अभियान चलाया। जांच के दौरान एक यात्री की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब उससे पूछताछ की गई तो उसके जवाब संतोषजनक नहीं थे। इसके बाद अधिकारियों ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उसकी मेडिकल जांच कराई।

मेडिकल जांच में पता चला कि तस्कर ने सोने को अपने शरीर के अंदर, यानी मलद्वार (रेक्टम) में छिपाकर रखा था। डॉक्टरों की निगरानी में उसके शरीर से कुल छह सोने की बिस्किट निकाली गईं। प्रत्येक बिस्किट का वजन करीब 150 ग्राम था। इस तरह कुल 900 ग्राम सोना बरामद हुआ। अधिकारियों ने तुरंत सोने को जब्त कर लिया और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार तस्कर की पहचान राजस्थान के बीकानेर निवासी संजय कुमार पांडेया के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में उससे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि वह यह सोना कहां से लेकर आया था और किस व्यक्ति तक इसकी डिलीवरी करने वाला था। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि उसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा है।

डीआरआई अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से सोने की तस्करी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। कई तस्कर सुरक्षा जांच से बचने के लिए सोने को शरीर के अंदर छिपाकर ले जाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, आधुनिक जांच तकनीक और खुफिया सूचना के आधार पर ऐसे मामलों का लगातार खुलासा किया जा रहा है।

इस मामले में बरामद सोने को जब्त कर लिया गया है और आरोपी के खिलाफ सीमा शुल्क कानून के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, यात्रा से जुड़े दस्तावेज और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जांच कर रही हैं, ताकि पूरे गिरोह का पता लगाया जा सके।

डीआरआई का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति की तस्करी का मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसलिए अब जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों की एजेंसियों से भी सहयोग लिया जाएगा।

इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध तरीके से सोने की तस्करी करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यात्रियों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके।

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