
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेटियों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक छात्राएं स्कूल और कॉलेज से सुरक्षित घर नहीं पहुंचतीं, तब तक पुलिस पूरी तरह अलर्ट रहेगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
शुक्रवार को गया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना की। करीब 15 मिनट तक गर्भगृह में विशेष पूजा करने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा से विष्णुपद कॉरिडोर का निरीक्षण भी किया। इस दौरान समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए, वहीं कुछ लोगों ने हाल के एनकाउंटर को लेकर सवाल भी उठाए, जिस पर मुख्यमंत्री ने बिना प्रतिक्रिया दिए मुस्कुराकर आगे बढ़ना ही बेहतर समझा।
इसके बाद उन्होंने महाबोधि मंदिर में भी दर्शन किए। पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इससे पहले नालंदा जिले के परनावा गांव में उन्होंने श्री शरण निवास बाबा महतो साहब की जन्मस्थली पर आयोजित राजकीय मेले का उद्घाटन किया और जनसभा को संबोधित किया।
सभा में मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि अपराधियों के लिए कोई नरमी नहीं होगी। उन्होंने घोषणा की कि 19 मई से हर पंचायत में अधिकारी बैठेंगे और लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा, ताकि ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर की दिक्कतें जल्द दूर हो सकें।
अपने संबोधन में उन्होंने नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही और नरेंद्र मोदी के विजन के साथ राज्य को आगे ले जाने का संकल्प दोहराया।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में मॉडल स्कूल खोले जाएंगे, जिससे गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। साथ ही उन्होंने 2030 तक 5 करोड़ लोगों को रोजगार देने और 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य भी रखा।
गया दौरे से पहले मुख्यमंत्री बुद्ध स्मृति पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने बुद्ध जयंती के अवसर पर भगवान बुद्ध को नमन किया। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय चौधरी भी मौजूद रहे। दिन की शुरुआत उन्होंने अपने आवास पर सत्यनारायण कथा सुनकर की और सोशल मीडिया पर “अधर्म का नाश हो” संदेश भी साझा किया।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का यह दौरा जहां धार्मिक और विकास कार्यों से जुड़ा रहा, वहीं बेटियों की सुरक्षा को लेकर उनका सख्त संदेश भी साफ तौर पर सामने आया।



