
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को राज्य के सभी शीर्ष अधिकारियों और जिलाधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के जीर्णोद्धार और विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित ‘राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम’ के दौरान उन्होंने सूबे के सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया कि ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत ग्रामीण इलाकों के सभी विकासात्मक कार्य 31 मार्च 2027 से पहले हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। इस महत्वपूर्ण शिविर में राज्य भर से आए 101 फरियादियों की समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री ने सुना और उनका त्वरित निष्पादन किया गया।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी भवनों, अस्पतालों, विद्यालय भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों और मुख्य मार्ग से संपर्क से छूटे हुए टोलों की सड़कों की मरम्मत, रख-रखाव और साफ-सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा व्यवस्था की आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि राज्य के सभी विद्यालयों में रंग-रोगन, चहारदीवारी का निर्माण, आवश्यक मरम्मत कार्य, लड़कों और लड़कियों के लिए अलग शौचालय, स्वच्छ पेयजल और निर्बाध बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, जहां भी आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त वर्ग-कक्षाओं का निर्माण, भवनविहीन विद्यालयों के लिए नए भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।
विभिन्न विभागों से जुड़े 101 मामलों का हुआ त्वरित निपटारा
मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित इस जन-संवाद रूपी राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न सुदूर जिलों से कुल 101 आवेदक अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। मामलों की प्रकृति मुख्य रूप से राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, शिक्षा विभाग, गृह विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा ऊर्जा विभाग से जुड़ी हुई थी। इन शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और विभागीय सचिवों को तलब किया और एक तय समय सीमा के भीतर आवेदकों की समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया।
जनता का बढ़ा सरकार पर विश्वास, अधिकारियों को दी हिदायत
मुख्यमंत्री के कड़े तेवर और अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बाद फरियादी काफी संतुष्ट और आश्वस्त नजर आए। जिन लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो गया, उन्होंने मुख्यमंत्री के इस ‘सहयोग कार्यक्रम’ की भूरि-भूरि प्रशंसा की। आवेदकों का कहना था कि वर्षों और महीनों से दफ्तरों में लंबित उनकी समस्याएं इस कार्यक्रम के माध्यम से महज कुछ ही समय में सुलझ गईं, जिससे आम जनता को बड़ी सहूलियत मिल रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह स्मरण कराया कि सुशासन वाली सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की शिकायत का पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। सीएम ने कहा, “आम लोगों को इस शिविर से त्वरित राहत मिल रही है और इससे सरकार के प्रति उनका विश्वास बढ़ा है। हमें इस विश्वास को हर कीमत पर बनाए रखना है।” सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जनता की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना हमारा सर्वोच्च दायित्व है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई विभागों के मंत्रीगण, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रीता वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित थे। वहीं, राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में अंत तक जुड़े रहे और मुख्यमंत्री के निर्देशों को नोट किया।



