
सिवान: जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत आलमपुर गांव में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में हुए एक भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना में अब तक तीन लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है। विस्फोट इतना भयंकर था कि इसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसपास के मकान भी थर्रा गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इस गंभीर मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जामो बाजार के थानाध्यक्ष और स्थानीय चौकीदार चंद्रिका मांझी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।आगामी त्योहारों के मद्देनजर इलाके में चोरी-छिपे अवैध पटाखों का निर्माण धड़ल्ले से किया जा रहा था। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आलमपुर गांव में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद वहां चीख-पुकार मच गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते, घटनास्थल धुएं के गुबार और बारूद की गंध से भर गया। मलबे के नीचे से शवों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कवायद शुरू हुई। घटना की सूचना मिलते ही जामो बाजार पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मामले की भयावहता को देखते हुए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी ने भी दल-बल के साथ तत्काल घटनास्थल का मुआयना किया।
थानाध्यक्ष और चौकीदार पर गिरी गाज
घटनास्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग की टीम के साथ-साथ मेडिकल टीम को भी बुला लिया गया। मलबे में किसी और के दबे होने की आशंका के मद्देनजर रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन चलाया गया। वहीं, मामले की तह तक जाने और विस्फोट के सही कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम और डॉग स्क्वाड को मौके पर तलब किया गया। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से बारूद के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल, पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आम लोगों के वहां जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। रिहायशी इलाके में अवैध पटाखा निर्माण की भनक स्थानीय पुलिस को न होना, प्रशासन की सूचना तंत्र और कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी ने त्वरित कार्रवाई की। इलाके में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में विफल रहने और अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के स्पष्ट आरोप में जामो बाजार थानाध्यक्ष और बीट के चौकीदार चंद्रिका मांझी को सस्पेंड कर दिया गया है। प्रशासन ने यह साफ संदेश दिया है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस महकमे के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में स्थानीय लोगों और चश्मदीदों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और उनके आधार पर नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। पूरे केस के अनुसंधान की जिम्मेदारी सीआई महाराजगंज को सौंपी गई है। पुलिस अब मुख्य रूप से इस बिंदु पर जांच कर रही है कि अवैध पटाखा बनाने का यह काला कारोबार कब से चल रहा था, इसमें कौन-कौन से माफिया शामिल हैं और विस्फोटक सामग्री की सप्लाई कहां से हो रही थी।सीवान पुलिस प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि जांच और साक्ष्य संकलन का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इस अवैध कारोबार के पीछे जो भी सिंडिकेट काम कर रहा है, उसे बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तीन लोगों की मौत ने एक बार फिर प्रशासन की नींद तोड़ दी है और त्योहारों से पहले चलने वाले मौत के इस अवैध कारोबार की पोल खोल कर रख दी है।



