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रक्सौल बॉर्डर पर एसटीएफ की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 4 करोड़ की स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर पूर्वी चंपारण पुलिस और एसटीएफ (STF) ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने रक्सौल के लक्ष्मीपुर चेकपोस्ट के समीप एक नई स्कॉर्पियो गाड़ी से 1 किलो 800 ग्राम स्मैक बरामद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस ‘सफेद जहर’ की कीमत लगभग चार करोड़ रुपये आंकी जा रही है। मौके से दो तस्करों को भी दबोचा गया है, जो पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए इस भारी खेप को ड्राइवर सीट के नीचे बड़ी चालाकी से छिपाकर नेपाल ले जाने की फिराक में थे।जानकारी के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की बढ़ती तस्करी को लेकर मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने विशेष चौकसी बरतने और सघन जांच के सख्त निर्देश दिए थे। इसी बीच रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP) मनीष आनंद को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से मादक पदार्थों की एक बड़ी खेप रक्सौल बॉर्डर के रास्ते नेपाल भेजी जाने वाली है। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस और एसटीएफ के तेजतर्रार जवानों के साथ मिलकर एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने बिना कोई समय गंवाए लक्ष्मीपुर चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया।

मोतिहारी पुलिस के हत्थे चढ़े 2 बड़े तस्कर

चेकिंग के दौरान मोतिहारी की ओर से एक सफेद रंग की नई स्कॉर्पियो काफी तेज गति से आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए बैरिकेडिंग कर गाड़ी को रुकने का इशारा किया। पुलिस को देखते ही वाहन में बैठे लोग हड़बड़ा गए और भागने का प्रयास करने लगे, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया। सघन तलाशी के दौरान पुलिसकर्मियों ने जब गाड़ी की बारीकी से जांच की, तो ड्राइवर सीट के नीचे एक विशेष रूप से बनाए गए गुप्त तहखाने में छिपाकर रखा गया 1.8 किलोग्राम स्मैक जैसा मादक पदार्थ बरामद हुआ। पुलिस ने तुरंत ड्रग्स और वाहन को जब्त कर लिया तथा गाड़ी में सवार दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया।पकड़े गए दोनों तस्करों की पहचान मोतिहारी जिले के रामगढ़वा और रक्सौल थाना क्षेत्र के निवासियों के रूप में हुई है। जांच में यह अहम बात सामने आई है कि तस्करी में इस्तेमाल की जा रही नई स्कॉर्पियो गिरफ्तार किए गए एक तस्कर के सगे भाई के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस अब वाहन मालिक की संलिप्तता की भी गहनता से जांच कर रही है।थाने लाकर की गई कड़ी पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस के सामने कई अहम राज उगले हैं। सूत्रों की मानें तो तस्करों ने रक्सौल और सीमा पार नेपाल में सक्रिय एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े कई स्थानीय और बाहरी लोगों के नामों का खुलासा किया है। यह स्पष्ट हो गया है कि खेप लखनऊ से लाई गई थी और इसे रक्सौल के रास्ते नेपाल के बड़े शहरों में खपाने की योजना थी। पुलिस अब इन सफेदपोश तस्करों और लोकल हैंडलर्स की कुंडली खंगालने में जुट गई है, ताकि पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जा सके।

स्कॉर्पियो से नेपाल भेजी जानी थी खेप

भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र हमेशा से मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक संवेदनशील जोन रहा है। गौरतलब है कि पूर्वी चंपारण में ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर भी है। हाल ही में देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात द्वारा नशा मुक्ति और ड्रग्स तस्करी की रोकथाम के लिए की गई कड़े प्रहारों की खुलकर सराहना की थी। इस बड़ी जब्ती के बाद सीमावर्ती थानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और तस्करों के मोबाइल सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) को खंगाला जा रहा है। फिलहाल, पुलिस की इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ से सीमावर्ती इलाके के तस्करों और माफियाओं में भारी हड़कंप मचा हुआ है।

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