newspatnarajnitiबिहार

बिहार में बाढ़ का साया: सोन, कोसी और गंडक उफान पर; सीएम सम्राट चौधरी ने किया एरियल सर्वे

सोन बैराज से भारी डिस्चार्ज, प्रशासन सतर्क

पटना। बिहार में प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर बाढ़ का गंभीर खतरा पैदा कर दिया है। सोन, कोसी और गंडक बैराजों से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रहने के सख्त निर्देश दिए। जल संसाधन विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इंद्रपुरी (सोन बैराज) पर पानी का दबाव सबसे अधिक दर्ज किया जा रहा है। यहां से दोपहर तक 5.18 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा चुका है और जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी (Rising Trend) देखी जा रही है। सुबह 11 बजे जहां डिस्चार्ज 4.74 लाख क्यूसेक था, वहीं दोपहर दो बजे तक इसमें 43 हजार क्यूसेक से अधिक का इजाफा दर्ज हुआ। सोन नदी के इस रुख ने भोजपुर, रोहतास और अरवल के तटीय इलाकों में बेचैनी बढ़ा दी है।

राहत कार्य में कोताही बर्दाश्त नहीं: मुख्यमंत्री

सोन के विपरीत, बीरपुर स्थित कोसी बैराज और वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज पर स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रवाह स्थिर होने के बावजूद दोनों नदियों का स्वभाव अप्रत्याशित रहता है, इसलिए तटबंधों की सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जा सकती।एरियल सर्वे के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की पहली प्राथमिकता जान-माल की रक्षा है। उन्होंने कहा, “प्रभावित इलाकों में आमजन को समय पर सुरक्षित आश्रय, सूखा राशन, दवाएं और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”संबंधित जिलाधिकारियों, आपदा प्रबंधन विभाग, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील स्थलों पर तैनात कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने नदी किनारे बसे ग्रामीणों से सतर्क रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।

Related Articles

Back to top button