
राजधानी पटना की सड़कों पर BPSC TRE-4 के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर बवाल काटा। आक्रोशित छात्र पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकल पड़े, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालात को काबू में करने के लिए पटना के डीएम और एसएसपी को भारी पुलिस बल के साथ खुद मोर्चा संभालना पड़ा।सड़क पर उतरे हजारों छात्रों का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि TRE-4 के लिए केवल एक ही परीक्षा (सिंगल एग्जाम) का आयोजन किया जाए और परीक्षा से नेगेटिव मार्किंग के प्रावधान को पूरी तरह हटाया जाए। इसके साथ ही, राज्य के युवाओं के हित में 100 फीसदी डोमिसाइल नीति लागू करने और समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सीधी वार्ता कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है।सड़कों पर मचे इस हंगामे के बीच बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार युवाओं की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। मंत्री ने दावा किया कि जिन विषयों को लेकर छात्र धरने पर बैठे हैं, सरकार ने उन सभी का समाधान कर दिया है। उन्होंने युवाओं को नसीहत दी कि उन्हें अब सड़क पर नहीं, बल्कि अपनी किताबों और पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, विभाग ने TRE-4 में नए पदों को जोड़ने की तैयारी कर ली है और जल्द ही 33 हजार से अधिक पदों पर बंपर बहाली का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।शिक्षा मंत्री ने इस मौके का फायदा उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने तेजस्वी के बयानों पर पलटवार करते हुए तंज कसा कि जो खुद परीक्षा पास नहीं कर सके, वे आज शिक्षा व्यवस्था पर ज्ञान बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनकर बेहद हैरानी होती है कि जिस इंसान ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा तक नहीं दी, वह सरकार को परीक्षा पर सुझाव दे रहा है। मंत्री ने चुटकी लेते हुए सलाह दी कि तेजस्वी एक बार बिहार सरकार के स्कूल में दाखिला लें, 10वीं पास करें और फिर आकर उन्हें परीक्षा पर सुझाव दें।



