
बिहार में आयोजित नीट यूजी परीक्षा में एक बड़े सॉल्वर गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली में ही सेंध लगा दी। इस मामले में अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र रविशंकर बताया जा रहा है। जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह ने मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से 10 से 12 लाख रुपये तक की रकम वसूली थी।
रविवार को सॉल्वर गैंग का खुलासा होने के बाद पुलिस लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि गिरोह ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात बायोमेट्रिक जांच से जुड़े कुछ कर्मियों की मिलीभगत से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया।
आमतौर पर नीट परीक्षा में अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। इसमें उम्मीदवार के फिंगरप्रिंट और फोटो का मिलान किया जाता है, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति परीक्षा न दे सके। लेकिन इस मामले में आरोप है कि बायोमेट्रिक जांच प्रक्रिया में जानबूझकर गड़बड़ी की गई, जिससे असली अभ्यर्थियों की जगह नकली परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिल गया।
पुलिस का कहना है कि सॉल्वर गैंग काफी समय से सक्रिय था और उसने कई लोगों का एक संगठित नेटवर्क तैयार कर रखा था। इसमें फर्जी परीक्षार्थी, बिचौलिए और तकनीकी जानकारी रखने वाले लोग शामिल थे। गिरोह का मकसद मोटी रकम लेकर अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाना था।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस बायोमेट्रिक जांच से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस तरह की गड़बड़ी अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी हुई थी या नहीं।इस घटना के सामने आने के बाद परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है।पुलिस ने कहा है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



