
पटना। देश में लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा पर हो रहे कथित प्रहार के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने एक बड़ा जन-आंदोलन छेड़ने का शंखनाद कर दिया है। बिहार प्रदेश अभाविप के आह्वान पर आगामी 30 अक्टूबर 2026 को राजधानी पटना की सड़कों पर छात्र-युवा शक्ति का विशाल हुजूम देखने को मिलेगा। “लोकतंत्र बचाओ – अराजकता रोको” के ओजस्वी नारे के साथ अभाविप कार्यकर्ता पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से लेकर इनकम टैक्स चौराहे तक एक विशाल जनसभा एवं विरोध मार्च निकालेंगे। इस राष्ट्रव्यापी विमर्श को धार देने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के नवनिर्वाचित अध्यक्ष यश डबास भी दिल्ली से विशेष रूप से पटना पहुंच रहे हैं। अभाविप का यह प्रदर्शन केवल एक मार्च नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार और संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए युवाओं का एक कड़ा संदेश है। 30 अक्टूबर की सुबह से ही राज्य भर के विभिन्न जिलों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों से हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं पटना के गांधी मैदान में जुटना शुरू हो जाएंगे। यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करने के बाद, यह जनसैलाब हाथों में तख्तियां और बैनर लिए इनकम टैक्स चौराहे की ओर कूच करेगा। परिषद का स्पष्ट मानना है कि देश और राज्य के अंदर कुछ अराजक तत्वों द्वारा जो स्थितियां उत्पन्न की जा रही हैं, उसका डटकर मुकाबला करना युवा शक्ति का परम दायित्व है।
गांधी मैदान से गूंजेगा ‘लोकतंत्र बचाओ’ का नारा
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण डूसू अध्यक्ष यश डबास की विशेष उपस्थिति रहेगी। हाल ही में डूसू चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने वाले यश डबास का पटना आना इस बात का प्रतीक है कि छात्र राजनीति अब क्षेत्रीय सीमाओं को लांघकर राष्ट्रीय मुद्दों पर एकजुट हो रही है। उनकी मौजूदगी से बिहार के युवाओं के बीच न केवल गजब का उत्साह देखने को मिलेगा, बल्कि छात्र शक्ति की प्रतिबद्धता को एक नई मजबूती भी मिलेगी। दिल्ली की छात्र हुंकार अब पटना की धरती पर भी गूंजेगी। इस विशाल प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में अभाविप बिहार के प्रदेश मंत्री सुमित कुमार सिंह ने आयोजन की विस्तृत रूपरेखा रखी। मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली का नाम नहीं है, बल्कि यह संवैधानिक संस्थाओं के प्रति आदर और आम नागरिकों के अधिकारों के सम्मान का मूल आधार है।
प्रेसवार्ता में दिखा एकजुटता का संदेश
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जब भी लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात किया जाता है, तो यह युवाओं का प्रथम कर्तव्य बन जाता है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें। यह आयोजन समाज को अराजक प्रवृत्तियों के खिलाफ जागरूक करने का एक बड़ा प्रयास है। विदित हो कि पटना का गांधी मैदान ऐतिहासिक रूप से बड़े छात्र आंदोलनों का गवाह रहा है। सत्तर के दशक में छात्र आंदोलन ने यहीं से देश की राजनीतिक दिशा बदल दी थी। आज एक बार फिर अभाविप इसी मैदान से ‘अराजकता रोको’ का बिगुल फूंकने जा रही है।आयोजन को सफल बनाने के लिए अभाविप कार्यकर्ता शिक्षण संस्थानों में सघन जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। प्रेसवार्ता के दौरान संगठन की एकजुटता साफ नजर आई। प्रदेश मंत्री सुमित कुमार सिंह के साथ मंच पर अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी, क्षेत्रीय मीडिया संयोजक रविकरण कुमार, पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के संयुक्त सचिव अभिषेक शर्मा और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शगुन सृजन सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने भी इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम करने की तैयारी शुरू कर दी है।



