
पटना। बिहार में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसकी एक और खौफनाक बानगी मधेपुरा जिले में देखने को मिली है। सुशासन और कानून-व्यवस्था के तमाम दावों को खुली चुनौती देते हुए बेखौफ हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक और राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर यादव के ममेरे भाई प्रिंस कुमार रंजन (25 वर्ष) की सरेराह गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और आम लोगों में भारी दहशत व्याप्त है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड अंतर्गत इनरवा गांव निवासी सुनील यादव के पुत्र प्रिंस कुमार रंजन भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) में पीएचडी के शोध छात्र थे। बुधवार दोपहर वह अपनी पल्सर मोटरसाइकिल से किसी काम के सिलसिले में विश्वविद्यालय जाने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान, जैसे ही उनकी बाइक साहुगढ़ और पश्चिम गोढ़ियारी चिमनी के समीप नहर के सुनसान रास्ते से गुजर रही थी, तभी पहले से घात लगाए या पीछे से पीछा कर रहे अज्ञात अपराधियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
मधेपुरा में दिनदहाड़े ‘खूनी खेल’
बताया जा रहा है कि बदमाशों ने चलते हुए ही उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली प्रिंस के सीने के समीप लगी, जिससे वे बुरी तरह लहूलुहान होकर बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। अचानक हुई इस भीषण गोलीबारी की आवाज सुनकर जब तक आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग और राहगीर मौके पर पहुंचते, अपराधी बेखौफ होकर हथियार लहराते हुए मौके से फरार होने में सफल रहे।खून से लथपथ प्रिंस को आनन-फानन में स्थानीय लोगों की मदद से मधेपुरा सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आपातकालीन वार्ड में मौजूद चिकित्सकों ने गहन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर जंगल की आग की तरह पूरे शहर में फैल गई। देखते ही देखते सदर अस्पताल परिसर में मृतक के परिजनों, शुभचिंतकों और स्थानीय नेताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
मधेपुरा में अपराधियों का तांडव
जवान बेटे के शव को देखकर परिजनों की चीख-पुकार से पूरा अस्पताल परिसर गमगीन हो उठा। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे गहरे सदमे में हैं। वहीं, दिनदहाड़े एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले युवक की हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार तुरंत भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल और सदर अस्पताल पहुंचे।पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया गया है और वहां से अहम सुराग जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल हत्या के कारणों का स्पष्ट रूप से खुलासा नहीं हो सका है। यह कोई पुराना व्यक्तिगत विवाद है, आपसी रंजिश है या फिर इसके पीछे कोई और गहरी साजिश, इसका जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिल सकेगा। पुलिस आसपास के इलाकों और प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान और उनके भागने की दिशा का पता लगाया जा सके।इस हत्याकांड ने जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब दिन के उजाले में एक विधायक और पूर्व मंत्री के रिश्तेदार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा। पुलिस प्रशासन पर जल्द से जल्द हत्यारों की शिनाख्त कर उन्हें सलाखों के पीछे धकेलने का भारी दबाव बन गया है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।



