
पटना। भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा प्रहार करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार सुबह फुल्लीडुमर प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमित कुमार सिंह को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ धर दबोचा। निगरानी टीम ने बीडीओ के साथ इस घूसखोरी के खेल में शामिल उनके मामा को भी गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई शहर के नेहरू कॉलोनी स्थित बीडीओ के किराए के आवास पर की गई।निगरानी ब्यूरो के डीएसपी श्यामबाबू प्रसाद ने बताया कि फुल्लीडुमर प्रखंड प्रमुख पंचायत समिति गौतम प्रकाश ने 5 जनवरी को बीडीओ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि पंचायत की लगभग 70 से 75 लाख रुपये की 26 विभिन्न विकास योजनाओं को पास करने के एवज में बीडीओ लगातार 5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे। पंचायत समिति की ओर से बार-बार प्रयास के बावजूद बिना कमीशन काम नहीं किया जा रहा था।निगरानी विभाग ने मामले की गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप पूरी तरह सत्य पाए गए। इसके बाद बीडीओ को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया और एडवांस के तौर पर 75 हजार रुपये देने की बात तय हुई। मंगलवार सुबह जैसे ही शिकायतकर्ता ने आवास पर बीडीओ को रिश्वत की राशि सौंपी, निगरानी की टीम ने तुरंत धावा बोल दिया। मौके से घूस की रकम बरामद कर बीडीओ और उनके मामा दोनों को हिरासत में ले लिया गया। टीम द्वारा उनके आवास की भी सघन तलाशी ली गई। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार बीडीओ अमित कुमार सिंह एक दिन पूर्व सोमवार को प्रखंड कार्यालय में हुई मारपीट की घटना को लेकर भी चर्चा में थे। जन्म प्रमाण पत्र के दस्तावेजों को लेकर हुए विवाद में धक्का-मुक्की के दौरान बीडीओ गिर पड़े थे और उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा था। उस मामले में पूर्व मुखिया संजीव मंडल समेत कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस हंगामे के ठीक 24 घंटे के भीतर ही बीडीओ निगरानी के हत्थे चढ़ गए।



