
पटना में छात्र आंदोलन के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर सियासी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। अब मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने भी पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को स्वीकार करना या खारिज करना सरकार का फैसला हो सकता है, लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर इस तरह बल प्रयोग करना उचित नहीं है।
‘मांग मानना अलग बात, छात्रों को पीटना सही नहीं’
पटना में पत्रकारों ने जब अनंत सिंह से छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि पहले छात्रों की बातें सुनी जानी चाहिए। इसके बाद सरकार उनकी मांगों पर उचित निर्णय ले सकती है।
अनंत सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मांग पूरी कीजिए या नहीं कीजिए, यह अलग बात है, लेकिन जिस तरह छात्रों को पीटा जाता है, वह सही नहीं है।”
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग जायज है या नहीं, इस पर सरकार फैसला कर सकती है, लेकिन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ मारपीट नहीं होनी चाहिए।
नीतीश कुमार से मुलाकात पर भी दिया जवाब
अनंत सिंह की हाल में पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से हुई मुलाकात भी चर्चा में रही है। नीतीश कुमार के आवास पर हुई इस मुलाकात को लेकर पत्रकारों ने उनसे सवाल किया।
इस पर अनंत सिंह ने कहा कि किसी नेता से मिलने के लिए यह जरूरी नहीं है कि वह उस समय मुख्यमंत्री के पद पर ही हों। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या नीतीश कुमार से तभी मुलाकात की जाएगी, जब वह मुख्यमंत्री रहेंगे? उनके मुताबिक, मुलाकात को सिर्फ सत्ता या पद से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
ललन सिंह से मुलाकात को बताया औपचारिक
मुंगेर सांसद ललन सिंह के साथ हुई मुलाकात को लेकर भी अनंत सिंह से सवाल पूछा गया। उन्होंने इसे सामान्य और औपचारिक मुलाकात बताया। अनंत सिंह के मुताबिक, ललन सिंह से कोई विशेष राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।
हालांकि, बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में नेताओं की मुलाकातें लगातार चर्चा का विषय बन रही हैं।
छात्र आंदोलन पर बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल
फिलहाल छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर अनंत सिंह का बयान सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्होंने एक तरफ सरकार को छात्रों की मांगों पर निर्णय लेने का अधिकार दिया, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा किया।
उनका कहना है कि सरकार चाहे छात्रों की मांग स्वीकार करे या नहीं, लेकिन प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ मारपीट को सही नहीं ठहराया जा सकता। उनके इस बयान से छात्र आंदोलन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।



